एनसीएच और एनसीआईएएम ने सौंपी जिम्मेदारी, विश्वविद्यालय ने शुरू की तैयारी
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड होगा विवरण
छात्रों को प्रदेश के बेहतर आयुष मेडिकल कॉलेजों की मिलेगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय संबद्ध प्रदेश के 85 मेडिकल कॉलेजों की ग्रेडिंग करेगा। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन एक्ट (एनसीआईएसएम) और नेशनल कमीशन ऑफ होम्योपैथिक (एनसीएच) ने आयुष विश्वविद्यालय को यह जिम्मेदारी सौंपी है। ग्रेडिंग करने वाली टीम में आयुष विश्वविद्यालय दूसरे राज्यों के विशेषज्ञों को भी शामिल करेगा ताकि कोई आरोप न लगे। ग्रेडिंग के लिए टीम जल्द ही मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण करेगी।
आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों की ग्रेडिंग के लिए कई मानक तय किए गए हैं। इनमें कॉलेजों के भवन, फैकेल्टी, ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या, बॉटनिकल गार्डन, छात्रों की संख्या, उनकी उपस्थिति, शिक्षकों की संख्या, हॉस्टल, कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है। इन बिंदुओं पर अलग-अलग नंबर दिए जाएंगे। इसके बाद इसका पूरा विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इससे छात्रों को यह जानकारी हो सकेगी कि प्रदेश में आयुष के कौन से मेडिकल कॉलेज अच्छे हैं और उनकी खासियत क्या है। इसी आधार पर छात्र कॉलेज में अपना प्रवेश तय कर सकेंगे।
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85 काॅलेजों में करीब नौ हजार सीटें
आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव आरबी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय से प्रदेश के 85 कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथी सहित निजी कॉलेज भी शामिल हैं। इन कॉलेजों में करीब 8500 सीटें हैं। इनमें होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज की परीक्षाएं भी जल्द ही शुरू होनी वाली है।