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ऑटो लिफ्टर गैंग: पहले चुभाती पिन, फिर नकली सांप-छिपकली फेंक करती थीं ये काम, गांव में ट्रेनिंग; शहर में वारदात

Sun, 04 Jan 2026 02:15 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

यूपी में ऑटो लिफ्टर गैंग का खुलासा हुआ है। गोरखपुर पुलिस ने गिरोह के 41 गुर्गों को पकड़ा है, इनमें 36 महिलाएं शामिल हैं। मऊ, जौनपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बलिया, देवरिया, अंबेडकरनगर तक आरोपियों का कुनबा फैला है। गांव में सरगना ने ट्रेनिंग दी थी। महिलाएं शहर में वारदात को अंजाम देती थीं।
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gorakhpur auto lifter gang - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गोरखपुर के कैंट और रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने चेन स्नेचिंग और चोरी करने वाले जिस गैंग का पर्दाफाश किया है, उसमें से ज्यादातर महिलाएं ग्रामीण इलाकों और एक ही कुनबे से हैं। इन महिलाओं का कुनबा मऊ, जौनपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बलिया, देवरिया, अंबेडकरनगर तक फैला है। 
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पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि गिरोह से जुड़ीं ये महिलाएं पहले ऑटो में टप्पेबाजी करती थीं। बाद में सरगना विष्णु ने इन सब को गांव में ट्रेनिंग दी। इसके बाद ये महिलाएं शहर आकर पर्यटन स्थलों पर वारदातों को अंजाम देने लगीं।

शुक्रवार को रामगढ़ताल और कैंट थाने की पुलिस ने 36 महिलाओं, चार पुरुष और एक किशोरी को पकड़ा था। ये भीड़ वाली जगहों पर स्नेचिंग और लूट की वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। 
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पुलिस के मुताबिक, गिरोह का सरगना गोला थाना क्षेत्र के कोहरा बुजुर्ग निवासी विष्णु है। यही इनको कार से लेकर आया था। पुलिस ने शुक्रवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, किशोरी को बाल सुधार गृह भिजवा दिया गया है।

 

सूत्रों ने बताया कि ये महिलाएं पिछले चार से पांच वर्षों से चोरी और टप्पेबाजी करती थीं। पहले ये अलग-अलग अपने जिलों में पर्यटन स्थलों पर वारदात को अंजाम देती थीं। बाद में विष्णु ने गिरोह बनाया। उसने सभी महिलाओं को ट्रेनिंग दी कि कैसे भीड़ में गहने उड़ाने हैं। 

सूत्रों ने बताया कि ये महिलाएं कार से किसी भी भीड़ वाली जगह पर जाती थीं। वहां अलग-अलग ग्रुप में बंट जाती थीं। ऑटो में भी ये घूंघट की आड़ में वारदात को अंजाम देती थीं। भीड़ या ऑटो में ये पहले महिलाओं को पिन चुभाती थीं, उसके बाद नकली सांप-छिपकली फेंककर डराती थीं।

 

इसी बीच वह गहने उड़ा देती थीं। ग्रुप में होने की वजह से किसी को शक नहीं होता था। भीड़ वाली जगहों पर भी ये नकली सांप-छिपकली या बिच्छू फेंककर महिलाओं को डराती थीं। इसके बाद गहने लूटकर भाग निकलती थीं।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि नए साल के पहले दिन इन्होंने बड़े स्तर पर चोरी और स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी। दरअसल, गोरखपुर में पिछले कुछ समय से ऐसे मौकों पर भीड़ बढ़ी है। पर्यटन की दृष्टि से गोरखपुर में काफी कार्य हुए हैं। इसी को देखते हुए यहां दूसरे जिलों और नेपाल से भी लोग घूमने आए थे।
 

सामान्य हुलिया से नहीं होता था शक
गिरोह में शामिल ज्यादातर महिलाएं 20 से 50 वर्ष की हैं। सामान्य हुलिया होने की वजह से कोई भी इनपर शक नहीं करता था। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। कई महिलाएं पहले भी चोरी और टप्पेबाजी के मामलों में पकड़ी जा चुकी हैं। 

जांच में सामने आया है कि ये बुजुर्ग या अकेली महिलाओं को टारगेट करती थीं। उनको बातों में उलझाकर या गंतव्य तक छोड़ने का झांसा देकर अपनी गाड़ी में भी बैठा लेती थीं। इसके बाद नकली सांप या छिपकली दिखाकर गहने लूट लेती थीं।

जेल में बंद रहने के दौरान खड़ा किया नेटवर्क
पुलिस की जांच में आया है कि इस गिरोह में से कई महिलाएं पहले भी चोरी और स्नेचिंग के मामले में जेल जा चुकी हैं। वहीं पर इनकी आपस में मुलाकात हुई और ये विष्णु के संपर्क में आईं। उसी ने इनको ट्रेनिंग दी कि भीड़ वाली जगहों पर कैसे रहना है और बचते हुए वारदात को अंजाम देना है। यह गिरोह गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, मऊ, बलिया आदि जिलों में वारदात को अंजाम देता था।
 

इन्हें किया गया था गिरफ्तार
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान गोला के कोहरा बुजुर्ग निवासी विष्णु, शैलेंद्र कुमार और शक्ति कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इनके साथ आरोपी शोभा को भी पकड़ा गया। सिद्धार्थनगर जनपद के लोटन बाजार निवासी बबीता और शकुंतला, कैंपियरगंज की खुशबू, बस्ती जनपद के रुधौली निवासी शिवानी को पकड़ा गया। इसके अलावा संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद क्षेत्र की अनीता, सरोज, नैना, आरती, रूपा, मनीषा, प्रीति, शीला, किरन, गुड्डी, सरोजा, विमला देवी, राधिका और गुड़िया को गिरफ्तार किया गया। 
 

अंबेडकरनगर के हंसवर निवासी शिल्पा, देवरिया के गौरीबाजार निवासी अंजली और पूजा, बलिया के रसड़ा निवासी नेहा, कुशीनगर के कप्तानगंज निवासी सोनी भी पकड़ी गईं। इसी क्रम में मऊ जनपद के घोसी निवासी किरन, बड़हलगंज क्षेत्र की किरन, सोनी, सीमा, पूनम और खुशबू उर्फ पिहनी को भी गिरफ्तार किया गया। साथ ही एक किशोरी को पकड़ा गया। 

कैंट थाना पुलिस की कार्रवाई में मऊ जनपद के कोपागंज निवासी सरोज देवी, बीमा, मुस्कान देवी और विनीता देवी के साथ गोविंद को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त जौनपुर जनपद के सरपतहा निवासी रीना देवी और सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर निवासी लक्ष्मीना देवी भी पकड़ी गई हैं।

 
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पकड़े गए आरोपियों में गोरखपुर, मऊ, जौनपुर, बलिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, देवरिया और कुशीनगर जनपदों की महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। गिरोह में शामिल अन्य गुर्गों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
 
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