व्ह़ाट्सएप ग्रुप में भी पार्षदों ने जताई नाराजगी
पार्षद एकता ग्रुप पर ऑडियो जाने के बाद पार्षदों ने अपनी नाराजगी जतानी शुरू कर दी। पार्षद मनु जायसवाल ने पार्षद अशोक यादव से मैसेज कर पूछा, आप शहर में कबतक आ जाएंगे? ये कर्मचारी सरकारी है या आउटसोर्सिंग का।
पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने लिखा, इस कर्मचारी की भाषा शैली और व्यवहार बिल्कुल गुंडई वाला लग रहा है। इसके खिलाफ नगर निगम को विधिक कार्रवाई करना चाहिए। पार्षद सहाब अंसारी ने लिखा, पार्षदों का ,सम्मान नहीं बचेगा अगर सब मिलकर एक दूसरे के सम्मान की लड़ाई नहीं लड़ेंगे।
लेकिन, अफसोस कुछ पार्षद मैनेज करने के लिए खड़े हो जाते हैं। पार्षद विवेक मिश्रा ने लिखा, न जाने कितने ऐसे प्रकरण हैं, जिनमें पार्षद माहौल खराब न हो, खुद चुप्पी साध लेते हैं। लेकिन, ये व्यवहार बेहद निंदनीय है।
मेयर कार्यालय से अटैच हुआ सुपरवाइजर
ऑडियो वायरल होने के बाद मामला नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल कदम उठाते हुए कान्हा उपवन के वर्क सुपरवाइजर एसबी भारद्वाज को कान्हा उपवन से हटाकर मेयर कार्यालय से संबद्ध कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने तीन सदसीय कमेटी बनाकर मामले की जांच का आदेश दिया।
कमेटी में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, मुख्य अभियंता संजय चौहान और जलकल महाप्रबंधक राघवेंद्र कुमार शामिल हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ऑडियो क्लिप के तथ्यों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी अगले तीन दिनों में जांच कर रिपोर्ट देगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।