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Gorakhpur News: सीएम शहर में और नगर आयुक्त छुट्टी पर? टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा- ऑडियो वायरल, जानिए पूरा मामला

Sat, 09 Mar 2024 12:41 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

रायगंज पार्षद अशोक यादव और नगर निगम के कर्मचारी के बीच का ऑडियो वायरल होने का दावा किया जा रहा है। पार्षद ने मामले में सीएम, डीएम और एसएसपी से जनसुनवाई पोर्टल से पुरे मामले को लेकर शिकायत की है। नगर आयुक्त ने तत्काल शिकायत का संज्ञान लेकर जांच टीम गठित कर दी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पार्षदों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज कर नाराजगी जताई (वायरल चैट) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर नगर निगम के वार्ड रायगंज के पार्षद अशोक यादव ने जनसुनवाई पोर्टल पर मुख्यमंत्री, डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त से शिकायत की है। आरोप लगाया है कि नगर निगम के कान्हा उपवन के मेट शशिभूषण भारद्वाज ने फोन करने पर अभद्रता करते हुए गाली देना शुरू कर दिया।

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अंजाम भुगतने की धमकी भी दे डाली। बात-चीत का दो ऑडियो भी अलग-अलग ग्रुप में वायरल होने लगा। पार्षद एकता ग्रुप में यह वायरल ऑडियो शाम से घूमने लगा।

वायरल ऑडियो में अपनी आवाजी की पुष्टी करते हुए पार्षद अशोक यादव ने इसे सरकारी कर्मचारी शशिभूषण भारद्वाज के साथ की बातचीत का दावा किया है। जबकि, दूसरी तरफ कर्मचारी से संपर्क करना चाहा तो संपर्क नहीं हो सका। वायरल ऑडियो का मजमून है कि पार्षद के अलावा दूसरी तरफ वाली आवाज में तथाकथित कर्मचारी पार्षद से पूछ रहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नगर आयुक्त ने छुट्टी क्यों ली?

गाय के पकड़ने और छोड़े जाने का बीच में ही अचानक तथाकथित कर्मचारी द्वारा पार्षद को धमकाने के अंदाज में बातचीत होने लगी। पार्षद को चेताते हुए कहा, अगर मेरे परिवार को कुछ हो गया न तो तुम्हारी बोटी-बोटी काट दूंगा। हालांकि, पार्षद ने इस दौरान गाय और कान्हा उपवन के बात के बीच में परिवार अचानक से कहां आ गया, कहते हुए सवाल किया।
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लेकिन, दूसरी तरफ से आवाज में धमकी के साथ फोन काटते समय अपशब्द का प्रयोग सुनाई दिया। दरअसल, दो ऑडियो जो वायरल हैं, वो पहला 3:10 मिनट और दूसरा 3:14 मिनट सेकेंड का है। शुरूआत में किसी भोला और गाय के विषय में बात होते हुए खुद को सरकारी कर्मचारी बताने वाले शख्स ने पार्षद पर सरकारी काम में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारी को धमकी देने का आरोप भी लगाया।

पार्षद से कर्मचारी पूछ रहा था कि आप किस वार्ड से पार्षद हैं? आप समाजसेवक हैं और हमारी परेशानी अगर नहीं सुलझाएंगे तो कैसे काम चलेगा? फिर पूछा, आप किस पार्टी से हैं? पार्षद के बताने पर कि समाजवादी पार्टी के। खुद को कर्मचारी बताने वाले ने दावा करते हुए कहा कि आपकी जो भाषा शैली है, आप ये नहीं जान रहे कि गोरखपुर में किसका लिंक कहां पर है। इस दौरान कान्हा उपवन के शशिभूषण से बात करने की कोशिश की तो फोन से संपर्क नहीं हो सका।

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व्ह़ाट्सएप ग्रुप में भी पार्षदों ने जताई नाराजगी
पार्षद एकता ग्रुप पर ऑडियो जाने के बाद पार्षदों ने अपनी नाराजगी जतानी शुरू कर दी। पार्षद मनु जायसवाल ने पार्षद अशोक यादव से मैसेज कर पूछा, आप शहर में कबतक आ जाएंगे? ये कर्मचारी सरकारी है या आउटसोर्सिंग का।

पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने लिखा, इस कर्मचारी की भाषा शैली और व्यवहार बिल्कुल गुंडई वाला लग रहा है। इसके खिलाफ नगर निगम को विधिक कार्रवाई करना चाहिए। पार्षद सहाब अंसारी ने लिखा, पार्षदों का ,सम्मान नहीं बचेगा अगर सब मिलकर एक दूसरे के सम्मान की लड़ाई नहीं लड़ेंगे।

लेकिन, अफसोस कुछ पार्षद मैनेज करने के लिए खड़े हो जाते हैं। पार्षद विवेक मिश्रा ने लिखा, न जाने कितने ऐसे प्रकरण हैं, जिनमें पार्षद माहौल खराब न हो, खुद चुप्पी साध लेते हैं। लेकिन, ये व्यवहार बेहद निंदनीय है।

मेयर कार्यालय से अटैच हुआ सुपरवाइजर
ऑडियो वायरल होने के बाद मामला नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल कदम उठाते हुए कान्हा उपवन के वर्क सुपरवाइजर एसबी भारद्वाज को कान्हा उपवन से हटाकर मेयर कार्यालय से संबद्ध कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने तीन सदसीय कमेटी बनाकर मामले की जांच का आदेश दिया।

कमेटी में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, मुख्य अभियंता संजय चौहान और जलकल महाप्रबंधक राघवेंद्र कुमार शामिल हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ऑडियो क्लिप के तथ्यों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी अगले तीन दिनों में जांच कर रिपोर्ट देगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
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