सूत्रों की मानें तो किसी कारणवश ब्रह्मशंकर त्रिपाठी ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। इसके बाद दूसरे नाम पर सपा मुखिया विचार कर ही रहे थे कि एक ऑडियो वायरल हो गया। ऑडियो में कथित रूप से पूर्व एमएलसी जेपी जायसवाल टिकट को लेकर एक व्यक्ति से आपस में बातचीत करते बताए जा रहे हैं। टिकट के लिए पार्टी के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री का नाम चलने पर वह भड़क गए। ऑडियो में पार्टी के नेता के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्र टिप्पणी की गई।
इस ऑडियो को जायसवाल विरोधी और विपक्षी दल तेजी से प्रचारित कर रहे हैं। जेपी जायसवाल ने सोशल मीडिया पर ऑडियो को फर्जी बताते हुए खंडन किया है। इस मामले में ब्रह्मशंकर त्रिपाठी ने कहा कि इस मामले में पार्टी के शीर्ष नेताओं को अवगत कराऊंगा कि मुझे सोशल मीडिया पर अपशब्द कहे जा रहे हैं।
पूर्व एमएलसी जेपी जायसवाल ने कहा कि मेरे खिलाफ विरोधियों की यह बहुत बड़ी साजिश है। ब्राह्मण समाज तेजी से सपा से जुड़ रहा है। ब्रह्माशंकर त्रिपाठी से मेरे 22 वर्ष से अच्छे रिश्ते हैं। ऐसा हम कभी नहीं कह सकते। इसकी जांच होनी चाहिए। इसमें मेरी आवाज नहीं है। इस बारे में केस दर्ज कराऊंगा। अगर जांच में मेरी आवाज साबित हो जाए तो राजनीति से इस्तीफा देने को तैयार हूं।