संतकबीरनगर से एक रोहिंग्या अजीजुल हक को पकड़ने के बाद एटीएस ने बुधवार को गुलरिहा इलाके के भटहट में भी छापा मारा। टीम कस्बे में किराएदार रहे तीन युवकों की तलाश में थी। टीम ने चार जगहों पर जाकर जानकारियां जुटाईं।
बताया जा रहा है कि कुछ युवक इलाके में आए थे। कुछ दिन यहां किराए के मकान में रहने के बाद वे कहीं चले गए। टीम ने मकान मालिक से पूछताछ की। उनके पास किराएदारों का कोई आईडी कार्ड नहीं मिला। टीम ने भटहट के जेजे कटरा में स्थित एक दर्जी की दुकान पर भी जाकर जानकारी जुटाई है।
जानकारी के मुताबिक, पिपराइच इलाके के एक गांव निवासी शख्स की जेजे कटरा में दर्जी की दुकान है। वर्तमान समय में वह परिवार के साथ भटहट-बांसस्थान मार्ग पर स्थित निजी मकान में रहते हैं। बताया जा रहा है कि तीन वर्ष पूर्व उन्होंने अपने गांव में स्थित मकान को कुछ बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों को किराए पर दिया था।
किराएदारों ने लगभग छह माह तक रहने के बाद मकान छोड़ दिया। फिर चिलबिलवा में किराए के मकान में रहने लगे। बताया जा रहा है कि किराए पर रहने वाले संदिग्ध लोग देखने में भिखारियों की तरह थे। इलाके में चर्चा है कि इन लोगों के तार रोहिंग्या से जुडे़ हैं। एटीएस की टीम चिलबिलवां स्थित उस मकान पर भी गई जहां ये लोग किराएदार थे। टीम ने तीन और जगहों पर भी जाकर जानकारियां जुटाईं हैं।