नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि गैसीफायर संयंत्र का संचालन एक निजी एजेंसी को दिया गया है। नियमानुसार उन्हें संचालन करना है। लॉकर की चाबी नहीं मिलने की जानकारी नहीं है। अगर फर्म की तरफ से ऐसी लापरवाही हुई है, तो नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा।
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भतीजे के अस्थियां गुमटी में रखवाईं
राप्तीनगर पार्षद बृजेश सिंह छोटे ने कहा कि नए शवदाह गृह के संचालन के जिम्मेदार लापरवाहीपूर्वक काम कर रहे हैं। शुक्रवार को मेरे भतीजे का अंतिम संस्कार वहां किया गया। कोई इंतजाम नहीं था। यहां तक कि पानी की व्यवस्था मुझे करनी पड़ी। इसके लिए मैनेजर को मैंने फटकार लगाई और इसकी जानकारी नगर आयुक्त एवं मेयर को भी दी। अस्थियों को रखे जाने वाले लॉकर की चॉबी लेकर जाने की बात पूरी तरह निराधार है। सच तो यह कि अपनी कमियां छिपाने के लिए व्यवस्थापक खुद ही चाबी लेकर फरार हो गए। मेरे भतीजे की अस्थियां मैंने एक गुमटी में रखवाई हैं।