नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ भाषण देने के आरोपी डॉ. कफील खान पर योगी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करने पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट के जरिए सवाल खड़ा किया है। उन्होंने डॉ. कफील की रिहाई और उन पर लगाए गए एनएसए को खत्म करने की मांग की है।
मथुरा जेल में बंद डॉ कफील को सीजेएम कोर्ट से सोमवार को जमानत मिली थी, लेकिन उनकी रिहाई नहीं हुई थी। डॉ. कफील ने 12 दिसंबर को एएमयू में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। इसके बाद थाना सिविल लाइंस में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में यूपी पुलिस की एसटीएफ ने उन्हें 29 जनवरी को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। वहां से उन्हें अलीगढ़ लाया गया था और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में मथुरा भेज दिया गया था।
इसके बाद उन पर रासुका लगा दिया गया। इसके बाद डॉ. कफील के पक्ष में उतरते हुए ओवैसी ने ट्वीट किया है। उसमें लिखा है कि उत्तर प्रदेश में बार-बार सताए हुए दलितों, मुस्लिमों और विरोधियों को टारगेट करने के लिए योगी उनके खिलाफ एनएसए का प्रयोग कर रहे हैं। एक डॉक्टर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है। एक सीएम जो ‘ठोक देंगे’ और ‘बोली नहीं तो गोली’ जैसी भाषा का प्रयोग करते हैं असल में तो वो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं।