फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: भीड़ बढ़ी तो फिर सक्रिय हो गए तत्काल टिकट के धंधेबाज

विज्ञापन
विज्ञापन
काउंटर पर लाइन लगाकर ले रहे तत्काल टिकट
विज्ञापन

दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के लिए रहती है डिमांड

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। तत्काल ई-टिकटों के धंधे पर रोक लगाने के लिए आरपीएफ ने जब कंप्यूटर सेंटरों पर दबाव बढ़ाया तो धंधेबाज फिर आरक्षण केंद्रों की लाइन में लगने लगे। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद आदि बडे शहरों के लिए कंफर्म टिकट की बढ़ती मांग तत्काल टिकट से ही पूरी हो रही है।
लाइन में खड़े धंधेबाज इन टिकटों पर 500 से 800 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। आरपीएफ ने डोमिनगढ़ और कैंट स्टेशन से ऐसे एक-एक धंधेबाजों को पकड़ा है जो दूसरे की टिकट के लिए आरक्षण आवेदन फार्म लेकर लाइन में खड़े थे।
विज्ञापन

गोरखपुर रेलवे स्टेशन से हर दिन करीब 135 ट्रेनों का संचालन होता है। सबसे अधिक ट्रेनें दिल्ली और मुंबई रूट की हैं। फिर भी इन रूटों पर यात्रा के लिए आरक्षित टिकट सामान्य सीजन में भी 10 दिन पहले ही बुक करना होता है। आरक्षित टिकट के लिए परेशान लोगों का पूरा ध्यान तीन दिन पहले शुरू होने वाले तत्काल टिकट पर होता है।
तत्काल टिकट के लिए रेलवे के आरक्षण केंद्र पर कतार लंबी लगती है, लेकिन इसमें भी जबरदस्त खेल हो रहा है। शहर से लेकर गांव तक तमाम ऐसे कंप्यूटर सेंटर हैं जाे प्रतिबंधित वेबसाइटों का प्रयोग कर तत्काल ई-आरक्षित टिकट निकाल देते हैं। इस तरह के मामले संज्ञान में आने के बाद आरपीएफ ने नवंबर और दिसंबर में अभियान चलाया था।
लगातार कार्रवाई में कई कंप्यूटर सेंटर ऑपरेटरों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद फिर धंधेबाजों ने टिकट काउंटर का पुराना खेल चालू कर दिया। आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद का कहना है कि हमने स्टेशन पर अपना जाल बिछा रखा है। जैसे ही कोई व्यक्ति स्टेशन पर अवैध तरीके से टिकट आवंटन का कार्य करेगा, उसकी शिनाख्त हो जाएगी।
00
केस 1
होटल और दुकान से पकड़े गए थे छह लोग
रेलवे स्टेशन के सामने एक होटल में बीते 19 फरवरी को छापा मारकर तीन लोगों को पकड़ा गया था। इनके बताने पर शाहपुर से भी तीन व्यक्तियों को पकड़ा गया। इनके पास से करीब 40 आरक्षित ई-टिकट मिले, जिसमें से कुछ पुरानी तारीखों के थे। पकड़े गए धंधेबाजों ने बताया कि काउंटर से लेकर जनसेवा केंद्र तक तत्काल टिकट तक बनवाते हैं। इसके बदले 500 से 600 रुपये तक लिए जाते हैं।
केस 2
डोमिनगढ़ काउंटर से पकड़ा गया एक धंधेबाज
बृहस्पतिवार को डोमिनगढ़ के टिकट आरक्षण केंद्र पर एक व्यक्ति दूसरे की आईडी और आरक्षण फार्म लेकर तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगा था। आरक्षण शुरू होने से पहले ही आरपीएफ पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले आई। पूछताछ में पता लगा कि वह हैदराबाद के लिए तत्काल टिकट की लाइन में लगा था।
विज्ञापन

केस 3
कैंट स्टेशन से पकड़ा गया धंधेबाज
शुक्रवार को आरपीएफ कैंट की टीम ने टिकट काउंटर से एक व्यक्ति को आरक्षण फार्म के साथ गिरफ्तार किया। पकड़े गए व्यक्ति के पास से कई लोगों के आईडी की फोटोकॉपी भी थी। आरपीएफ का कहना था कि यह व्यक्ति अपने जुगाड़ के दम पर तत्काल निकलवा लेता था। हर टिकट के एवज में 700-800 रुपये तक मिलते हैं।
-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें