आधार कार्ड की क्लोनिंग कर रकम उड़ाने वाले तीन गिरफ्तार
पूछताछ में एक साल में 83 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बॉयोमेट्रिक क्लोनिंग कर लोगों के खातों से रकम निकालने वाले गिरोह के सरगना समेत तीन अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह ने एक वर्ष में 83 लाख की हेराफेरी की है। इनके कब्जे से चार लाख रुपये, स्कॉर्पियो, बाइक, तमंचा, 17 एटीएम और पांच आधार कार्ड मिले हैं। सरगना जितेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि हेराफेरी की गई रकम में से 32 लाख रुपये से उसने सहजनवां (गोरखपुर) में कपड़े की फैक्ट्री में लगा रखी है।
एसपी हेमराज मीणा के अनुसार ये लोग एईपीएस प्रणाली (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) के माध्यम से लोगों के खाते से रकम निकलते थे। एक जुलाई को आवासीय परिसर बाढ़ कार्य खंड प्रथम निवासी प्रेमचंद्र ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके दो खाते से विभिन्न तिथियों में दस-दस हजार करके 60 हजार रुपये निकाले गए। इसी बीच रविवार की रात प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रामपाल यादव, प्रभारी साइबर सेल मजहर खान, प्रभारी सर्विलांस सेल जितेंद्र सिंह की टीम ने बड़ेबन के एक रेस्टारेंट से गैंग के सरगना जितेंद्र चौहान (सिकरीगंज), आकाश प्रधान (मोहद्दीपुर, गोरखपुर) और रुद्रपुर, देवरिया का मूल निवासी व जंगल तुलसीपुर बिछिया, गोरखपुर में रहने वाले भूपेंद्र कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी खाता खोलकर करते थे गोलमाल
अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त कर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई होगी : एसपी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आधार कार्ड की बॉयोमेट्रिक क्लोनिंग कर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले गिरोह के कुछ सदस्य पिछले दिनों गौर में भी पकड़े गए थे। पुलिस की पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे पहले फर्जी आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड व मोबाइल नंबर पर विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड ले लेते थे। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड व अंगूठे की डुप्लीकेट मुहर तैयार कराते थे। आधार कार्ड व पैनकार्ड का इस्तेमाल करके एईपीएस ट्रांजेक्शन एप्लीकेशन पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। इसके बाद एक फर्जी एजेंट आईडी बनाकर उसके सहारे आधार कार्ड और डुप्लीकेट अंगूठे के क्लोन से रुपये निकाल लिए जाते थे। एसपी हेमराज मीणा के अनुसार अपराध से अर्जित इनकी संपत्ति जब्त कर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।