गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पहली बार दक्षिण भारत के छात्र भी बीटेक में प्रवेश ले सकते हैं। यहां प्रवेश के लिए आवेदनों में वहां के कई छात्रों ने रुचि दिखाई है। इन रुझानों से विश्वविद्यालय प्रशासन उत्साहित है।
स्नातक प्रवेश के समन्वयक प्रो. वीके मिश्र ने बताया कि इस बार तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्यों से अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। पहली बार विश्वविद्यालय में दक्षिण भारत के छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों से निर्धारित कोटे के तहत हर वर्ष छात्रों को प्रवेश मिलता है।
प्रो. वीके मिश्र ने बताया कि बीटेक में प्रवेश के लिए चार हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। शनिवार की रात आठ बजे तक कुल 3956 अभ्यर्थियों ने शुल्क जमा कर आवेदन पूर्ण कर लिया है। रात 12 बजे तक यह संख्या चार हजार के पार पहुंचने की संभावना है। आवेदन के साथ ही सत्यापन की प्रक्रिया भी चल रही है।
दूसरे राज्यों से आए 372 आवेदन
विश्वविद्यालय में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए कुल 10 प्रतिशत (103 सीटें) आरक्षित हैं। इसके सापेक्ष कुल 372 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी मेरिट वाले छात्र प्रवेश लेंगे।
24 से 27 तक वरीयता क्रम में करना होगा चॉइस लॉक
अभ्यर्थियों को 24 से 27 जून तक चॉइस फिलिंग और चाॅइस लॉक करना होगा। अभ्यर्थी ने जो विषय लॉक कर दिया, उपलब्धता के आधार पर वरीयता क्रम में उसी अनुसार सीट आवंटित होंगे। चॉइस लॉक करने के बाद वरीयता क्रम में बदलाव का मौका नहीं मिलेगा।
पहले चरण का सीट आवंटन 30 जून को
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि 30 जून को पहले चरण के सीट आवंटन का परिणाम घोषित किया जाएगा। कटऑफ सूची में शामिल अभ्यर्थियों को 30 जून से दो जुलाई के बीच फ्रीज या फ्लोट में से कोई एक विकल्प चुनना होगा। दूसरे चरण की काउंसिलिंग चार जुलाई से, तीसरे की आठ और चौथे चरण की 14 जुलाई से होगी।
बोलीं कुलपति
एमएमएमयूटी देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक है। दक्षिण भारत के छात्रों ने भी पहली बार रुचि दिखाई है। इस बार करीब चार हजार अभ्यर्थियों ने बीटेक में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
- प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति