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आरोग्य मेला : हर बार दवा लेकर जाते मरीज, नहीं दूर होती बीमारी

Mon, 06 Mar 2023 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांगी बाजार में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में मौजूद वार्ड ब्
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महराजगंज। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में जिले के लोगों का मर्ज दूर नहीं हो रहा है। ठीक ढंग से उपचार नहीं होने के कारण दर्द से कराहते लोगों को पूरा आराम नहीं मिल रहा है। हर बार की तरह एक ही दवा देकर घर भेज दिया जाता है। ज्यादातर अस्पतालों में तो फार्मासिस्ट ही दवा देकर औपचारिकता पूरी कर देते हैं। डॉक्टर मरीजों को सामान्य ढंग से दवा लिख देते हैं। जनता को निरोग बनाने की सपना कितना पूरा हो रहा है, यह क्षेत्र के लोगों ने खुद बयां किया।
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गांगी बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य में पहुंची भेड़िया गांव की नेहा ने बताया कि लगभग चार महीने से रुक-रुककर खांसी आ रही है। ठीक नहीं हो रही है। तीन बार मुख्यमंत्री आरोग्य मेेले में पहुंची। यहां दवा मिलती है, लेकिन बीमारी दूर नहीं हो रही है। बड़े अस्पताल जाकर इलाज कराने के लिए पर्याप्त रकम नहीं है। सरकारी अस्पताल में काम चलाऊ दवा देकर घर भेज दिया जाता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में 11:40 बजे डॉक्टर समेत सभी स्टाफ मौजूद मिले। जर्दी गांव की संगीता देवी ने बताया कि डेढ़ महीने से पूरे शरीर में चुनचुनाहट होती है। आरोग्य मेले में तीसरी बार आई हूं, लेकिन बीमारी दूर नहीं हो रही है। पर्याप्त रकम होती तो बड़े अस्पताल में इलाज करा लेती। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गड़ौरा के अलावा बजही में भी तमाम मरीज ऐसे मिले जिन्होंने कामचलाऊ दवाएं दिए जाने की बात कही।
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मरीज कर रहे थे इंजतार, बात करने में व्यस्त रहे डॉक्टर
गांगी बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के दौरान दोपहर 12:25 बजे डॉ. विजयनाथ व फार्मासिस्ट वीरेंद्र सहानी, वार्ड ब्वाय राधेश्याम मौजूद रहे, लेकिन यह सभी लोग अपने कमरे में बात कर रहे थे। कुर्सी खाली थी। एक मरीज ने दवा देने के लिए कहा तो उसे कुछ देर रुकने की बात कही गई। कुछ देर बाद डॉक्टर समेत सभी आए तो जांच कर दवा देना शुरू किया। डॉ. विजयनाथ ने बताया कि विभागीय काम काज को लेकर जरूरी बात की जा रही थी। मेले में आने वाले मरीजों को समय से इलाज किया गया।

जो दवा उपलब्ध है, दी गई
गांगी बाजार पीएचसी के फार्मासिस्ट वीरेंद्र साहनी ने बताया कि नेहा को स्नोफीलिया है, इसको गरम पानी में नमक के साथ सुबह शाम दोपहर में गरारा करने के लिए कहा गया है। जिस महिला को गांठ में दर्द हो रहा है, उसको जो भी दवा उपलब्ध है, दी गई है।

आठ माह से घुटने में दर्द हो रहा है। अस्पताल पहुंची तो दर्द की दवा देकर भेज दिया गया। अगर अच्छी दवा मिली होती तो दर्द दूर हो गया होता। छह बार से मेले में आकर दवा लेती हूं। लगता है कहीं और इलाज कराना पड़ेगा। मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करती हूं। - नजबुन निशा, गांगी बाजार

चार बार आरोग्य मेला में हाथ-पैर में गांठ का इलाज कराने आई, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण दवा देकर घर भेज दिया जाता है। बीमारी आज तक ठीक नहीं हुई। 30-40 किमी दूर जिला अस्पताल जाकर इलाज कराना पड़ेगा।
- शारदा देवी, रानीपुर

हमेशा पेट दर्द की समस्या बनी रहती है। चार बार से आरोग्य मेले में जाकर इलाज करा चुका हूं। कभी डॉक्टर साहब देखते हैं, तो फार्मासिस्ट व वार्ड ब्यॉय दवा देकर भेज देते हैं। इस दवा से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हर बार मेले में एक प्रकार की दवा मिलती है।
शंभू प्रसाद, जिगनीहवा

घुटने में दर्द रहता है। आरोग्य मेले में तीन बार जांच कराई है। हर बार एक प्रकार की दवा मिलती है। उस दवा से आराम नहीं मिला है। घर की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। निजी अस्पताल में इलाज कराना संभव नहीं है।
जाहिद शाद, मिश्रवलिया

आरोग्य मेले के माध्यम से बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास जारी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाएं हैं। बीमारी ठीक नहीं होने पर डॉक्टर उच्च अस्पताल में रेफर करते हैं। अगर कहीं लापरवाही हो रही है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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