जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की सुबह पांच बजे शिवशंकर के बड़े भाई भवनाथ यादव को हादसे की सूचना मिली। इसके बाद पट्टीदार राकेश यादव, चालक राघवेंद्र निषाद व गांव के अन्य लोगों के साथ वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।
भवनाथ भी सेना से तीन साल पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भवनाथ के दो लड़के और दो लड़कियां हैं। एक बेटा आर्मी में है। दो लड़कियों में छोटी लड़की की शादी इसी महीने 25 को होनी है। उसमें शामिल होने के लिए ही शिवशंकर छुट्टी लेकर गोरखपुर लौट रहे थे।
शिवशंकर दो बच्चों के पिता थे। बड़ा बेटा नितेश उर्फ अंशू 12वीं का छात्र है जबकि बेटी निक्की यादव ने इसी साल दसवीं की परीक्षा पास की है। दसवीं पास की है। शिवशंकर तीन महीने पहले गांव आए थे। करीब एक महीन रहने के बाद लौटे थे। बुधवार की रात करीब दस बजे पत्नी मंजू देवी उनकी अंतिम बार बात हुई थी। शाम तक पत्नी और बच्चों को मौत की खबर नहीं दी गई थी।
जंगल कौड़िया निवासी शिवशंकर यादव सेना में नायब सूबेदार थे। वह राजेश यादव के बुआ के दमाद थे। राजेश यादव छह भाइयों में पांचवें नंबर के हैं। उनके चार भाई सेना से रिटायर हो चुके हैं। बड़े भाई रामबचन सूबेदार पद से रिटायर हैं, दूसरे भाई बुद्धु यादव घर पर रहते हैं खेतीबारी करते हैं।
तीसरे भाई रामअचल भी सूबेदार पद से रिटायर हैं। चौथे नंबर के भाई विनोद यादव हवलदार पद से रिटायर हैं। पांचवें नंबर पर राजेश यादव खुद हैं जो सूबेदार हैं वहीं छोटे भाई ओमवीर यादव सेना में 15 साल की सेवा देकर रिटायर हो गए हैं। वे अब बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं।