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Gorakhpur News: 144 तक पहुंचा एक्यूआई, बीमार न कर दे फिजाओं में घुला प्रदूषण

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- सुबह 144 दर्ज किया गया एक्यूआई, शाम को 78 तक पहुंचा
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- दिन में धूप निकलने के साथ ही कम और रात में बढ़ता जा रहा एक्यूआई

- शहर में हो रहे निर्मााण कार्यों और वाहनों के कारण उड़ती धूल वजह
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर रविवार को फिर 100 के पार पहुंच गया। विकास परियोजनाओं के चलते हवा में धूल के कण और गाड़ियों की आवाजाही ज्यादा होने से धुएं के कारण एक्यूआई 144 पहुंच गया। हालांकि दिन निकलने के साथ ही इसमें कमी आई। शाम को एक्यूआई 78 दर्ज किया गया। इससे विभिन्न बीमारियों की आशंका बनी हुई है।

दरअसल, शहर में कई जगहों पर निर्माण कार्य हो रहा है। इसके चलते वायुमंडल में धूल के कण ज्यादा हैं। शादी-विवाह का सीजन शुरू होने के कारण शहर में वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। इसके अलावा तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रात में शीत के कारण वायुमंडल में फैले कण ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। इस वजह से सुबह होते-होते एक्यूआई में वृद्धि दर्ज की जा रही है। दिन में जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, एक्यूआई का स्तर भी कम होता जा रहा है।
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एमएमएमयूटी स्थित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परियोजना के सहायक वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ यादव ने बताया कि कई दिनों बाद एक्यूआई 100 से अधिक दर्ज किया गया है। औसत एक्यूआई 76 दर्ज किया गया है।
एमएमएमयूटी के पूर्व एडजंक्ट प्रोफेसर व पर्यावरणविद् एसएन विश्वकर्मा ने बताया कि ठोस व तरल कणों और हवा में मौजूद कुछ गैसों के कारण एक्यूआई बढ़ता है। सर्दी के मौसम में एयर क्वालिटी ज्यादा बढ़ जाती है। इसमें बच्चों, बजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को दिक्कत हो सकती है। साथ ही आंखों में जलन की समस्या भी बढ़ेगी।
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सुबह टहलने से करें परहेज
डॉ. एसएन विश्वकर्मा ने बताया कि एक्यूआई बढ़ना बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा नुकसानदायक होता है। सांस के रोगियों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी होगी। वायु प्रदूषण से अस्थमा, एलर्जी, साइनस, फेफड़ों का संक्रमण, कैंसर जैसी बीमारियों की आशंका रहती है।
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