जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी कम होने के साथ ही डायरिया और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर किसी भी किस्म का बुखार हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
सीएचसी-पीएचसी में 20-20 वायल एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध
डॉ. एके चौधरी ने बताया कि बाढ़ के कारण सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर 20-20 वॉयल एंटी स्नेक वेनम भी उपलब्ध कराए गए हैं। अगर किसी के साथ सर्पदंश की घटना होती है तो झाड़ फूंक करने की बजाय सीधे अस्पताल जाएं।