गोरखपुर। एम्स और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश को लेकर आयोजित नीट-2024 का परिणाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जारी कर दिया। गोरखपुर के मेधावियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बहुत सारे अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया। अंशिका सिंह और प्रखर श्रीवास्तव ने 720 में से 706 अंक प्राप्त किए हैं।
निरंतर मेहनत से मिली सफलता
छात्रसंघ चौराहा स्थित मोमेंटम की अंशिका सिंह ने 720 में से 706 अंक हासिल किया। तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल करने वाली अंशिका ने बताया कि कोचिंग के शिक्षकों से मिले नोट्स, मासिक टेस्ट व बुकलेट से नीट क्वालीफाई करने में काफी आसानी हुई है। हर मोड़ पर शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला। अंशिका के पिता दयाशंकर सिंह भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत हैं जबकि माता संगीता सिंह शिक्षिका हैं। भाई हर्ष सिंह जेईई की तैयारी कर रहा है। मूल रूप से कुशीनगर निवासी अंशिका ने बताया कि पढ़ाई से समय मिलने के बाद बैडमिंटन खेलना काफी पसंद है।
पहले कोशिश में किया क्वालीफाई
झरना टोला के रहने वाले प्रखर श्रीवास्तव ने अपनी पहली कोशिश में ही नीट जैसी कठिन परीक्षा को क्वालीफाई कर लिया। प्रखर की हाईस्कूल तक की पढ़ाई जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल से हुई है। इसके बाद वे तैयारी के लिए कोटा चले गए। प्रखर ने बताया कि जब वे पांचवी कक्षा में थे तभी से डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं। नीट पास करने के बाद अच्छे कॉलेज में प्रवेश हो जाए तो आगे इसे पूरा करने के लिए मेहनत और बढ़ जाएगी। उनको एक कार्डियोलॉजिस्ट बनना है। पिता संतोश श्रीवास्तव बिजनेसमैन और मां दीप्ति श्रीवास्तव गृहणी हैं।
कार्डियोलॉजिस्ट बनना है सुनीता का सपना
एबीसी क्लासेज, बेतियाहाता की छात्रा सुनीता ने अपने पहले प्रयास में 700 अंकों के साथ नीट क्वालीफाई कर लिया। सुनीता का सपना है कि वे कार्डियोलॉजिस्ट बन लोगों की सेवा करें। सुनीता मूलत: देवरिया जिले के रुद्रपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था। एम्स दिल्ली में वह प्रवेश पाना चाहती हैं। पिता गंगाराम किसान और मां मनोहरी देवी गृहणी हैं। सुनीता ने बताया कि उनको गायन और कुकिंग का शौक है।