फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: सिर्फ नासा में ही निवेश के नाम पर नहीं की ठगी, सामने आ रहे मामले- एक और केस दर्ज

Wed, 12 Nov 2025 01:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

सतीश ने बताया कि उनकी जान-पहचान अमित नंदी से थी जो वर्तमान में सचिवालय कॉलोनी बी महानगर लखनऊ में रहता है। अमित के माध्यम से उनकी मुलाकात मकान नंबर 21 समर्पण अपार्टमेंट गोपाल लाल ठाकुर रोड बरानगर पश्चिम बंगाल निवासी सुकांता बनर्जी, सिंडिकेट ऑफ आरएमपीएस जितेंद्र कोठारी, शालिनी नासकर व श्री अग्रवाल से कराई गई।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी पुलिस के साथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नासा में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में पकड़े गए आरोपी सुकांता बनर्जी समेत पांच लोगों पर अब शहर के एक व्यापारी सतीश चंद्र धर दुबे ने मंगलवार को धोखाधड़ी और धमकी देने की धारा में केस दर्ज कराया है।
विज्ञापन


आरोप है कि सुकांता ने फर्जी कंपनी के जरिये 100 गुना लाभ का झांसा देकर उनसे 60 लाख रुपये की ठगी की है। उधर, पुलिस की जांच में पता चला है कि गोरखपुर और लखनऊ के व्यापारियों को चूना लगाने के अलावा सुकांता ने नेपाल के उद्योगपतियों से भी करोड़ों रुपये ठगे हैं।

रामगढ़ताल थाना पुलिस इस मामले में अब तक दो केस दर्ज कर चुकी है। इससे पहले सोमवार को ठेकेदार मदन मोहन शुक्ला से 80 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था।

रामगढ़ताल के बड़गो वार्ड नं. 11 निवासी सतीश चंद्र धर दुबे नमकीन के व्यापारी हैं। उन्होंने कोलकाता निवासी सुकांता बनर्जी और उसके सहयोगी लक्ष्मी कटरा, भलोटिया मार्केट, गोरखपुर निवासी अमित कुमार नंदी समेत पांच पर 60 लाख की ठगी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।

सतीश ने बताया कि उनकी जान-पहचान अमित नंदी से थी जो वर्तमान में सचिवालय कॉलोनी बी महानगर लखनऊ में रहता है। अमित के माध्यम से उनकी मुलाकात मकान नंबर 21 समर्पण अपार्टमेंट गोपाल लाल ठाकुर रोड बरानगर पश्चिम बंगाल निवासी सुकांता बनर्जी, सिंडिकेट ऑफ आरएमपीएस जितेंद्र कोठारी, शालिनी नासकर व श्री अग्रवाल से कराई गई।

उस दौरान सुकांता बनर्जी ने खुद को एजिस फिनकैप कंसल्टेंट्स लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बताया। दोनों ने मिलकर उन्हें नासा में दुर्लभ धातुओं के अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी निवेश से 100 गुना लाभ की योजना दिखाई।

आरोपियों ने सरकारी मंत्रालयों की नकली मोहरों और प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम से फर्जी प्रमाणपत्र दिखाकर उन्हें विश्वास में लिया। वर्ष 2010 से 2016 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में 60 लाख हड़प लिए।

पीड़ित के अनुसार, ठगों ने कुछ संपत्तियां बिकवाकर भी करोड़ों की वसूली की। सतीश ने बताया कि जब उन्होंने रुपये लौटाने की बात की तो आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बदल लिए और संपर्क से बचने लगे। इसके बाद धमकी भरे कॉल आने लगे। एक महिला सहयोगी के जरिये वे यूपीआई ट्रांजेक्शन से रकम वसूलते रहे।

सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर सुकांता बनर्जी, अमित नंदी समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मुख्य आरोपी को जेल भिजवाया जा चुका है। भागे अन्य आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
विज्ञापन

नेपाल के उद्योगपति भी बने शिकार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सुकांता बनर्जी और उसके सहयोगियों ने इसी फर्जी योजना के तहत नेपाल के कई उद्योगपतियों से लगभग 15 करोड़ की ठगी की है। नेपाल के पोखरा, बिराटनगर और भैरहवा क्षेत्रों के व्यापारी भी गिरोह के जाल में फंसे। वहां पर निवेश का झांसा देकर रकम विदेशी खातों में ट्रांसफर कराई गई।

फर्जी कंपनी और अंतरराज्यीय नेटवर्क
सुकांता बनर्जी और अमित नंदी ने एजिस फिनकैप कंसल्टेंट्स लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी बनाकर देशभर में निवेशकों को निशाना बनाया। आरोप है कि यह गिरोह पिछले 14 साल से सक्रिय था। ठगी का नेटवर्क कोलकाता, लखनऊ, गोरखपुर, बिहार, दिल्ली और नेपाल तक फैला हुआ था। स्थानीय पुलिस के अनुसार, गिरोह के पास से फर्जी दस्तावेज, मंत्रालयों की मुहरें, जाली करारनामा और बैंक खातों से संबंधित साक्ष्य मिले हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें