गोरखपुर में चिड़ियाघर में आने वाले हर जानवर को 15 दिन क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद वे दर्शकों के सामने लाए जाएंगे। इस दौरान देखा जाएगा यहां के मौसम में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत तो नहीं हो रही। उनकी मानसिक दशा को समझने के बाद उन्हें स्थानीय माहौल में रहने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान लगातार उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण से गुजरना होगा। इसके लिए परिसर में पांच क्वांरटीन सेंटर बनकर तैयार हो गए हैं।
चिड़ियाघर में बब्बर शेर, बाघ और तेंदुआ के लिए विशेष तौर से क्वारंटीन सेंटर तैयार किए गए हैं। जबकि हिरन, छोटे जानवरों, सियार-लोमड़ी और पक्षियों के लिए इनके सेंटर से थोड़ा हटकर सेंटर बनाया गया है। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइन सुनील पांडेय ने बताया कि जानवरों को चिड़ियाघर में लाने के बाद सीधे क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा।
कोशिश रहेगी कि यहां आने के बाद जानवरों को किसी तरह की दिक्कत न हो। क्वारंटीन सेंटर ऐसी ही दिक्कतों को दूर करने के लिए बनाया जा रहा है। सेंटर में जानवरों की प्रकृति और स्वभाव का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही उनके खानपान और चिकित्सीय जरूरत यानी टीका आदि का चार्ट तैयार किया जाएगा।