- पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों में कैंसर की बढ़ती चुनौती से निपटने की पहल
- डेटा के जरिये कैंसर के प्रकार, फैलाव और इलाज की प्रभावशीलता का होगा विश्लेषण
गोरखपुर। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एम्स में जल्द ही कैंसर रजिस्ट्री सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों के कैंसर मरीजों का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे कैंसर मामलों की सटीक जानकारी जुटाना और उसके आधार पर बेहतर उपचार एवं रोकथाम की रणनीति तैयार करना है। सेंटर में कैंसर के विभिन्न प्रकारों, उनके फैलाव और मरीजों के उपचार से जुड़े सभी महत्वपूर्ण आंकड़ों को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाएगा।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता के निर्देशन में यह निर्णय लिया गया है। इस डेटा के माध्यम से न केवल कैंसर के ट्रेंड्स का विश्लेषण संभव होगा बल्कि उपचार में उपयोग की जा रही दवाओं और तकनीकों की प्रभावशीलता का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सकेगा।
एम्स में कैंसर की रोकथाम और समय रहते पहचान के लिए एक समग्र कैंसर स्क्रीनिंग एवं रोकथाम इकाई भी स्थापित की जाएगी। सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. आनंद मोहन दीक्षित के अनुसार, एम्स का लक्ष्य समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग को बढ़ावा देना है, जिससे मरीजों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल से न केवल मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा बल्कि क्षेत्र में कैंसर नियंत्रण, शोध और जागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।