गोरखपुर। मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में सोमवार को कालेसर से सहजनवा के बीच फोरलेन के डिवाइडर पर कट बनाने का मुद्दा छाया रहा। उद्यमियों ने कहा कि गीडा में प्रवेश के लिए तीन द्वार हैं लेकिन निकलने के लिए सात किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता है। उनकी नाराजगी पर कमिश्नर ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई टैंकर रास्ते में खड़ा होता है तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।
कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे अधिक समय तक डिवाइडर के बीच कट बनाने की चर्चा होती रही। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि सेक्टर 13 और 15 में करीब 400 यूनिटें हैं। इसमें काम करने वाले लोगों को शहर आने के लिए सात किलोमीटर घूमना पड़ता है। बहुत सारे लोग मजबूरन विपरीत दिशा से आते हैं। जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
डेढ़ साल से इस मुद्दे को उठाया जा रहा है लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके अलावा रास्ते में अवैध रूप से एलपीजी टैंकरों को खड़ा करने का मामला उठाया। इस पर कमिश्नर ने आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही आश्वस्त किया कि जल्द ही वे मौके का निरीक्षण भी करेंगे। उद्यमियों ने अमर उजाला दफ्तर से जीरो प्वॉइंट तक बन रहे रास्ते के निर्माण में तेजी लाने की मांग की। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण कर जल्द पूरा किया जाए। पावर सरचार्ज समाप्त करने की मांग : उद्यमियों ने गीडा में औद्योगिक इकाइयों से फ्यूल एवं पावर सरचार्ज के नाम पर 10 प्रतिशत सरचार्ज को समाप्त करने और सीईटीपी की जल्द स्थापना की मांग की। त