पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आने के बाद चौकी इंचार्ज विवेक कुमार मिश्र ने इस मामले की जानकारी सरकारी एंबुलेंस के हेड ऑफिस को दी थी। यह मामला सरकारी एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी के नोडल अधिकारी लखनऊ शशांक त्रिपाठी तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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गोरखपुर जिले के सरकारी एंबुलेंस के प्रोग्रामिंग मैनेजर अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर एंबुलेंस चालक व ईएमटी को निष्कासित कर दिया गया है। आगे भी किसी एंबुलेंस कर्मी के खिलाफ कोई शिकायत मिलेगी तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।