क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय और अमर उजाला के ‘अपराजिता’ मुहिम के अंतर्गत सोमवार को डीवीएनपीजी कॉलेज में करियर काउंसिलिंग शिविर का आयोजन किया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, रेलवे, इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनडीए, आईटी, होटल मैनेजमेंट समेत अन्य क्षेत्र में मौजूद सभी विकल्पों की विस्तार से जानकारी दी गई। काउंसलरों ने विद्यार्थियों को अपनी मेधा को पहचान उसी क्षेत्र में भविष्य संवारने की सलाह दी।
डीवीएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा की युवाओं में अपने भविष्य को लेकर चिंता तो होती है, लेकिन वो अपने अंदर की योग्यता को पहचाने बगैर माता पिता, दोस्तों और सगे संबंधियों के दबाव में न चाहते हुए भी उनके सपनों को पूरा करने में लग जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए की वो बच्चों पर दबाव न बनाए।
लिब्रस क्लासेज के काउंसलर राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि सिविल सर्विसेज परीक्षा एक कठिन परीक्षा है इस भ्रांति को दूर करने की जरूरत है। आप ने अक्सर अखबारों में पढ़ा होगा कि सब्जी, पान, या रिक्शा और ऑटो चलाने वाले लोगों के बच्चों ने आईएएस क्वालिफाई किया है। वर्ष 2018 से पहले आईएएस और पीसीएस का पैट्रन अलग अलग था, अब ये एक जैसा है।
काउंसलर अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि गोरखपुर में ही 300 कंपनी आईटी, वेबसाइट और एप डेवलपमेंट पर काम कर रही हैं। अब तकनीक ने जीवन को आसान बना दिया है। एसवीआईटी के मैनेजर अरविंद कुमार सिंह कंप्यूटर फील्ड में करियर से जुड़ी विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। लिब्रस क्लासेस के निदेशक पंकज पाठक ने स्वॉट एनालिसिस के साथ आर्मी, सीडीएस, एनडीए के बारे में जानकारी दी।
विशेषज्ञ वीणा गोपाल मिश्र की ओर से राजनीति शास्त्र में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक विजय कुमार शर्मा ने विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराने की सलाह दी। संचालन विवेक शाही ने किया। कार्यक्रम के आखिर में प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने अपराजिता मुहिम के तहत विद्यार्थियों को नारी गरिमा के सम्मान की शपथ दिलाई।