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अमर उजाला अभियान शिक्षा: स्कूलों में पटरी पर लौटी पढ़ाई, बच्चे-अभिभावक उत्साहित

Wed, 23 Mar 2022 02:49 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एबीसी पब्लिक स्कूल, सरमाउंट इंटरनेशनल, आरपीएम एकेडमी, गोरखपुर पब्लिक स्कूल, आर्मी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय नंबर एक सहित शहर ज्यादातर स्कूलों में रौनक देखने को मिली। स्कूल में प्रवेश करते ही सभी बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बिना मॉस्क के प्रवेश वर्जित था।
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गोरखपुर शहर के स्कूलों में लौटी रौनक। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कोरोना महामारी की वजह से बेपटरी हुई स्कूलों की पढ़ाई एक बार फिर ट्रैक पर लौट आई है। शहर के सभी स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। बच्चों के साथ ही अभिभावक और स्कूल संचालक खासे उत्साहित हैं। स्कूलों में बच्चों की रोजाना उपस्थिति का ग्रॉफ भी 90 से 95 फीसदी तक हो गया है। वहीं, स्कूल प्रबंधन भी कोविड प्रोटोकॉल के नियमों को लेकर काफी सतर्क हैं।

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मंगलवार को एबीसी पब्लिक स्कूल, सरमाउंट इंटरनेशनल, आरपीएम एकेडमी, गोरखपुर पब्लिक स्कूल, आर्मी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय नंबर एक सहित शहर ज्यादातर स्कूलों में रौनक देखने को मिली। स्कूल में प्रवेश करते ही सभी बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बिना मॉस्क के प्रवेश वर्जित था। स्कूल परिसर में हैंड सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई थी और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी सख्ती थी। यहां तक कि लैब में प्रैक्टिकल के समय भी दूरी बनाई गई थी।

हालांकि, स्कूलों में खेलकूद बंद है। प्रार्थना सभा के दौरान भी कुछ ही कक्षाओं को बुलाया जा रहा है। कक्षा में रहकर ही ज्यादातर बच्चे प्रार्थना कर रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर के बाद फरवरी में विद्यालय खोलने का आदेश जारी हुआ है। शुरुआती 15 दिनों तक विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 फीसदी तक थी। इसके बाद बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी 95 फीसदी तक उपस्थित होने लगे हैं।
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पढ़ाई का बन रहा माहौल

कोरोना महामारी में जब अचानक विद्यालय बंद हुए तो बच्चों की पढ़ाई एक बड़ी चुनौती थी। तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन पढ़ाई का प्लेटफॉर्म तैयार किया गया। अब स्कूल खुल गए हैं, बच्चे पढ़ाई को लेकर काफी उत्साहित हैं। 95 फीसदी तक बच्चों की उपस्थिति है।-हेमंत मिश्रा,  निदेशक, एबीसी पब्लिक स्कूल

दोबारा गुलजार हुआ स्कूल

ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हुईं हैं तो अब स्कूल में रौनक बढ़ गई है। बच्चे पढ़ाई में रुचि ले रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान भी यह कोशिश की गई कि ज्यादा से ज्यादा मैटेरियल बच्चों तक पहुंचाया जाए। शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई और वर्चुअल लैब का निर्माण कराया गया। शंकाओं के समाधान के लिए अलग-अलग सेशन चलाए गए।-विशाल त्रिपाठी, प्रधानाचार्य आर्मी पब्लिक स्कूल

ऑनलाइन कक्षाओं ने नहीं पिछड़ने दिया कोर्स

सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 10वीं में बेटे सश्रीक अद्वितीय का प्रवेश हुआ है। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कोरोना को लेकर थोड़ा-बहुत डर तो है लेकिन स्कूल में कोविड के प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान दिया जा रहा है।-कुसुम यादव, अभिभावक

नियमित स्कूल जा रहे बच्चे

कोविड महामारी में सबसे अधिक चिंता बच्चों की पढ़ाई की थी। ऑनलाइन पढ़ाई से कक्षा पांचवीं से ऊपर के बच्चों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। मगर, छोटी कक्षाओं के बच्चे परेशान हुए। खुशी है कि ऑफलाइन कक्षाएं प्रारंभ हो गईं हैं। बच्चे नियमित स्कूल जा रहे हैं।-वीरभद्र, अभिभावक

रोजाना जाती हूं स्कूल

जब कोविड-19 के चलते स्कूल बंद हुए तो अचानक ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प मुहैया कराया गया। शुरुआत में बहुत परेशानी हुई। ऑफलाइन मोड में पढ़ाई बेहतर तरीके से होती है। शिक्षक के सामने बैठकर पढ़ने, पूछने या समझने में आसानी होती है। -आरुषि, 10वीं, गोरखपुर पब्लिक स्कूल

पाठ्यक्रम के रिवीजन पर फोकस

कोरोना संक्रमण के चलते ऑफलाइन कक्षाएं नहीं चल पाईं। ऑनलाइन कक्षाएं चलीं हैं तो पाठ्यक्रम नहीं पिछड़ा, लेकिन नेटवर्क में खराबी की वजह से कई बार परेशानी होती थी। अब स्कूल खुला है तो अपने पाठ्यक्रम का रिवीजन कर रही हूं।-तनु, 10वीं, सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल
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