कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
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गोरखपुर में बुजुर्गों में लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य विभाग उनकी कोरोना जांच के साथ ही ब्लड टेस्ट और एक्स-रे जैसी जरूरी जांच भी कराएगा। इससे मरीज में किसी और गंभीर बीमारी का पता भी साथ ही साथ चल जाएगा और उसी अनुरूप इलाज हो सकेगा।
कोरोना से मृत्यु की वजहों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने मंगलवार को इस संबंध में निर्देश दिया है। उन्होंने प्रभारी डीएम व सीडीओ तथा स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को बुुधवार की शाम तक इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने कहा कि कोरोना जांच कैंप में ही खून, एक्सरे आदि की जांच के भी इंतजाम किए जाएं, ताकि संक्रमितों की अन्य बीमारियों का भी पता लगाकर उसका भी इलाज समय पर शुरू किया जा सके। कमिश्नर ने कहा कि कोरोना से हुई सभी मौतों की जांच कर उसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। बैठक में नोडल अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर निदेशक स्वास्थ्य, प्रभारी डीएम व सीडीओ तथा प्रधानाचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य ठीक नहीं तो होम आइसोलेशन की अनुमति न दें
कमिश्नर ने कहा कि अगर कोरोना संक्रमित मरीज का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, तो उसे होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति न दी जाए। ऐसे मरीजों को तत्काल भर्ती कर उसका इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गुणवत्तायुक्त कांटेक्ट ट्रेसिंग पर बल देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए लोगों कि पहचान करते हुए 24 घंटे के भीतर उनकी जांच की जाए। साथ ही यह भी चेताया कि कोरोना के बचाव कार्य में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाए।