- निर्धारित वार्डों के बजाय दूसरे वार्डों में जाकर मेजरमेंट बुक यानी एमबी सत्यापन का आरोप
- उपसभापति ने नगर आयुक्त से जांच कर अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग की
गोरखपुर। नगर निगम में निर्माण कार्यों की मेजरमेंट बुक एमबी पर हस्ताक्षर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम की उपसभापति पूनम सिंह ने निर्माण विभाग के अभियंताओं पर निर्धारित वार्डों के बजाय दूसरे वार्डों में जाकर विकास कार्यों की एमबी पर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने नगर आयुक्त अजय जैन को पत्र भेजकर ऐसे मामलों की जांच कराने और गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
उपसभापति ने पत्र में कहा है कि नगर निगम के निर्माण विभाग में दो अधिशासी अभियंता और दो सहायक अभियंता तैनात हैं। अभियंताओं को अलग-अलग वार्डों में विकास कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। आरोप है कि जिम्मेदारी वाले वार्डों से इतर दूसरे क्षेत्रों में भी अभियंता हस्तक्षेप कर वहां कराए जा रहे निर्माण कार्यों की एमबी पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।
पूनम सिंह ने आरोप लगाया है कि दूसरे वार्डों में हस्तक्षेप कर एमबी पर हस्ताक्षर करने के पीछे धन उगाही की जा रही है। उन्होंने नगर आयुक्त से संबंधित अभियंताओं की ओर से दूसरे वार्डों में कराए गए एमबी सत्यापन और उसके आधार पर किए गए भुगतानों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि जांच में नियमों के उल्लंघन या किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव को भी पत्र भेजा गया है।
-
रामजानकीनगर नाला निर्माण से जुड़ा मामला
नगर निगम में चल रही चर्चा के अनुसार एमबी सत्यापन का यह मामला राम जानकीनगर नाला निर्माण से जुड़ा है। आराेप लगाया जा रहा है कि इस कार्य के भुगतान में एमबी के सत्यापन में गड़बड़ी की गई है।