चरनलाल चौक स्थित इलाहाबाद बैंक।
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गोरखपुर जिले के कोतवाली इलाके के चरनलाल चौक स्थित इलाहाबाद बैंक की ब्रांच में चोरी का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। बैंक के चपरासी रामविशाल ने अपने दो दोस्तों अजय कुमार और रंजित निषाद के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची थी। पुलिस ने चोरी की रकम और गहने बरामद कर लिए हैं।
शुक्रवार को बैंक बंद होने के दौरान ही रामविशाल ने तालों को बंद नहीं किया। फिर सोमवार की सुबह डिप्टी मैनेजर से चाबी लेकर मुख्य दरवाजा खोला और खुले लॉकर से रुपये और गिरवी रखे गए गहने निकालकर दोस्तों को बुला लिया। दोस्तों को रकम, गहने देने के बाद उसने प्रबंधक को चोरी की सूचना दे दी। इसके बाद पहुंची पुलिस को जांच के दौरान शक हो गया था क्योंकि 16 में से एक भी ताला टूटा नहीं था। बचने के लिए सीसीटीवी कैमरे का डीबीआर भी निकाल लिया गया था, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है।
पुलिस लाइंस में एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, सीओ प्रवीण सिंह ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में घटना का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे बैंक में चोरी की सूचना पुलिस को मिली। 16 ताले खोलकर बैंक के लॉकर में रखे 20 लाख रुपये के गहने और तीन लाख 61 हजार रुपये नकद की चोरी की जानकारी मिली। पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो यह साफ हो गया कि इसमें कोई ना कोई बैंक कर्मचारी ही शामिल है। शक के आधार पर पुलिस ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की तो सभी ने अलग-अलग बयान दिए।
पुलिस अफसरों ने बताया कि पूछताछ के दौरान रामविशाल पर पुलिस को शक हो गया था। फिर उसे छोड़ दिया गया था। रात में पुलिस को सूचना मिली कि तीन लोग एक बाइक पर जा रहे थे। पुलिस ने जांच के दौरान तरंग क्रॉसिंग के पास से तीनों को पकड़ा जिसमें रामविशाल सबसे पीछे बैग लेकर बैठा था।