गोरखपुर। नगर निगम के प्रस्तावित म्यूनिसिपल बॉन्ड को लेकर आई विशेषज्ञ टीम दो दिन तक विभिन्न विभागों से जानकारी जुटाने के बाद शुक्रवार को रवाना हो गई। टीम ने नगर निगम की वित्तीय स्थिति, विकास परियोजनाओं, आय-व्यय, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े सभी आवश्यक अभिलेखों का अध्ययन किया। अब तैयार की जा रही रिपोर्ट भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को सौंपी जाएगी।
टीम की ओर से आए मेघना व निखिल ने नगर निगम की प्रमुख विकास योजनाओं, चल रहे निर्माण कार्यों, ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र व्यवस्था, कर संग्रह प्रणाली, डिजिटल सेवाओं, नए निगम भवन के निर्माण तथा पुराने भवन से नए भवन में प्रस्तावित शिफ्टिंग की तैयारियों की भी विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक दस्तावेज और आंकड़े भी एकत्र किए गए। टीम की ओर से इस वर्ष आने व जाने वाले निगम के अधिकारियों की लिस्ट भी अपनी रिपोर्ट में लगाई।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार से आंतरिक ऑडिट की प्रक्रिया भी शुरू कराई जा रही है। इसकी ऑडिट सीए सौरभ अग्रवाल करेंगे। अगले सप्ताह एक अन्य विशेषज्ञ टीम नगर निगम पहुंचेगी, जो ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय प्रबंधन, परियोजनाओं की प्रगति और अन्य मानकों की विस्तृत समीक्षा करेगी। इसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। आने वाली टीम में बांड के कंसल्टेंट अनुराग अरुण, लीगल की एडवाइजर राज रानी भल्ला व मर्चेंट बैंकर से वैभव जैन सहित चार सदस्यीय टीम रहेगी।
नगर निगम के वित्त व लेखाधिकारी नागेंद्र सिंह का कहना है कि सभी मानकों पर सफल मूल्यांकन होने के बाद म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता और मजबूत होगा, निगम की क्रेडिट साख बढ़ेगी, जिससे शहर की बड़ी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। शनिवार से ऑडिट कराई जाएगी जो एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी।