दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी कुछ ब्लॉकों के प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के दावेदार आपत्तियों के निस्तारण से संतुष्ट नहीं दिखे। इससे नाराज कुछ दावेदारों ने नाराजगी जताई। निस्तारण करने वाली कमेटी के सदस्यों से कई ने बहस भी की। आरोप लगाए गए कि आरक्षण के निर्धारण में मनमानी हुई है। हालांकि पंचायतीराज महकमे का कहना है कि पूरी पारदर्शिता और शासन से जारी गाइडलाइन के मुताबिक ही आरक्षण तय किया गया है।
सभी के सामने आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग कराई जा रही है। आपत्तिकर्ता के जो भी सवाल रह रहे हैं उन्हें उनका पूरा जवाब दिया जा रहा है। आरक्षण निर्धारण के लिए जारी गाइडलाइन आदि भी उन्हें दिखाई जा रही है।
ब्लॉकों और जिला मुख्यालय पर 830 आपत्तियां आईं
ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए दो मार्च को अनंतिम सूची प्रकाशित की गई थी। चार मार्च से इस सूची पर आपत्ति मांगी गई थी। आठ मार्च को आपत्ति दर्ज कराने का आखिरी मौका था। इस दौरान कुल 830 आपत्तियां आई हैं। इनमें जिला मुख्यालय पर सर्वाधिक 499 तथा ब्लॉक कार्यालयों पर 331 आपत्तियां पहुंचीं।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि जिले में प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद से जुड़ी सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। एक बार और इसका सत्यापन किया जाएगा। ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य से जुड़ीं आपत्तियों का 12 मार्च को निस्तारण किया जाएगा। निस्तारण के दौरान कोई बदलाव हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी 14 मार्च को आरक्षण सूची प्रकाशित करने के दौरान ही सार्वजनिक की जाएगी। निस्तारण प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है।