फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: मेयर पर सबकी निगाहें, लगातार चौथी बार जीतेगी भाजपा या विपक्ष का खुलेगा खाता

विज्ञापन
विज्ञापन
जबसे मेयर के लिए होने लगा है चुनाव एक बार छोड़कर भाजपा का ही रहा है कब्जा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नगर निगम के चुनाव की मतगणना शनिवार को होगी। मुख्यमंत्री का शहर होने चलते सबकी निगाहें यहां के मेयर पर पद हैं। भाजपा इस बार लगातार चौथी बार जीतेगी या फिर विपक्ष का खाता खुल जाएगा, इसी पर सबकी निगाहें टिकी हैं। हालांकि, जीत के दावे सभी दल अपने-अपने समीकरण से कर रहे हैं।
नगर निगम के गठन के बाद वर्ष 1995 में पहली बार भाजपा से राजेंद्र शर्मा मेयर बने। तब सीट ओबीसी के लिए आरक्षित थी। इसके बाद वर्ष 2000 में इतिहास बना। ओबीसी महिला के लिए आरक्षित सीट पर पहली बार किन्नर अमरनाथ यादव उर्फ आशा देवी मेयर चुनी गईं। इस चुनाव में मतदाताओं ने सभी राजनीतिक दलों को नकार दिया था और किन्नर के सिर पर ताज सजाया। हालांकि, इसके बाद के चुनाव में फिर भाजपा का दमखम देखने को मिला। 2006 में ओबीसी के लिए आरक्षित सीट पर डॉ अंजू चौधरी मेयर बनीं। वर्ष 2012 में सामान्य महिला के लिए आरक्षित सीट पर डॉ सत्या पांडेय और इसके बाद भाजपा की जीत की हैट्रिक लगाते हुए 2017 में सीताराम जायसवाल मेयर चुने गए।
विज्ञापन

इस बार पहला मौका है जब गोरखपुर के मेयर की सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। ऐसे में हर जाति वर्ग के लोगों को ताल ठोकने का मौका मिला। भाजपा ने डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव पर दांव लगाकर लोकसभा चुनाव के पहले कायस्थ मतदाताओं को साधने की कोशिश की है, तो वहीं सपा ने इस बार निषाद बिरादारी को साधने के लिए भोजपुरी अभिनेत्री काजल निषाद को प्रत्याशी बना दिया।
इसी प्रकार कांग्रेस ने नवीन सिन्हा पर दांव लगाकर कायस्थ बिरादरी में सेंधमारी की कोशिश की है। जबकि, व्यापारी वर्ग को जोड़ने के लिए बसपा ने नवल किशोरी नथानी को उतार कर संदेश दिया है। हालांकि, शनिवार की दोपहर तक नतीजे सामने होंगे और यह देखना दिलचस्प होगा कि किसका दांव सही है और किसके माथे पर ताज को सेहरा होगा।
विज्ञापन


बोले मेयर प्रत्याशी
चुनाव में जनता का भरपूर समर्थन मुझे मिला है, इसके लिए सभी का दिल से आभार है। भारी मतों से चुनाव जीतेंगे और एक बार फिर कमल खिलेगा। : डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा
-
जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। वह पूरी तरह मान्य है। जनता का पूरा समर्थन हमें मिला है। सभी के सहयोग से हम चुनाव जीत रहे हैं।
- काजल निषाद, सपा
-
जनता बदलाव चाह रही है। कर्नाटक में जनादेश कांग्रेस के पक्ष में आ रहा है। धांधली नहीं हुई तो गोरखपुर में भी कांग्रेस जीत का जश्न मनाएगी।
नवीन सिन्हा, कांग्रेस
-
चुनाव में हमें भरपूर समर्थन मिला है। जनता बदलाव के मूड में है। व्यापारी वर्ग भी मेरे साथ है। मुझे पूरा विश्वास है कि चुनाव में जीत मिलेगी।
नवल किशोर नथानी, बसपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें