बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और बढ़ गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गोरखपुर की भालोटिया दवा मंडी इस अवैध सप्लाई का बड़ा केंद्र बन चुकी है। यहां से कोडिन युक्त कफ सिरप की भारी मात्रा में तस्करी होने की आशंका है।
औषधि प्रशासन विभाग की हालिया कार्रवाई में पता चला कि मंडी के कम से कम पांच व्यापारी संदिग्ध खरीद-फरोख्त में लिप्त पाए गए हैं। इनका स्टॉक, बिलिंग और बिक्री का रिकॉर्ड औपचारिक मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है, जिसके बाद इन सभी की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्र बताते हैं कि भालोटिया मंडी से कोडिन युक्त कफ सिरप की सबसे अधिक आपूर्ति नेपाल सीमा की ओर भेजी जाती है। इसके साथ ही बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सीमा तक फैला तस्करी का नेटवर्क भी सक्रिय है। इन इलाकों में इस नशीली सिरप की मांग अधिक है।
दरअसल, कोडीन युक्त कफ सिरप के लगातार सेवन सांस लेने में दिक्कत, लिवर व किडनी को नुकसान और हृदय गति में अनियमितता जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए इसे केवल डॉक्टर की निगरानी में ही दिया जाता है। मार्केट में इस सिरप की कीमत 120 से 150 रुपये तक है। जबकि ब्लैक में यह 300 से 400 रुपये तक में बिक जाती है। I
इस संबंध में सहायक आयुक्त (औषधि) पूरनचंद ने बताया कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच कराई जा रही है। गोरखपुर से किन जिलों में यह सिरप भेजी गई, इसके लिए संबंधित जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर दोषी कारोबारियों पर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।