एम्स के इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर में और अधिक सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कार्यकारी निदेशक प्रो. जीके पाल की अध्यक्षता में अस्पताल प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में बच्चों की गहन चिकित्सा के लिए बाल रोग विभाग के प्रमुख को जल्द से जल्द पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इनटेंसिव केयर यूनिट) शुरू करने और ट्रॉमा और इमरजेंसी में गहन देखभाल सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
बता दें कि एम्स की इमरजेंसी एवं ट्रामा वार्ड में अभी पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इसके चलते आए दिन गंभीर मरीजों को यहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज या किसी अन्य बड़े संस्थान में रेफर करना पड़ता है।
कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने इस कमी को दूर करने और मरीजों को रेफर करने के बजाय यहीं पूर्ण उपचार की व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है। इस क्रम में शनिवार को ट्रॉमा और इमरजेंसी में जनशक्ति और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर चर्चा की गई।
कार्यकारी निदेशक ने बताया कि अभी संसाधनों की कमी के बावजूद मरीजों को बेहतर आपातकालीन उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में आईपीडी, ओपीडी और ट्रॉमा और इमरजेंसी में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
इसे और बेहतर बनाने के लिए जो भी जरूरी उपाय हैं, वह किए जाएंगे। निदेशक ने बताया कि एम्स के प्रोटोकॉल के अनुसार, ट्राइएजिंग और प्राथमिक उपचार के बाद, विशिष्ट उपचार शुरू करने से पहले समस्या की गंभीरता को समझने के लिए रोगियों की पूरी तरह से जांच की जाती है।