गोरखपुर। विश्वविद्यालयों में उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तस्वीर आने वाले दिनों में बदल सकती है। बड़ी संख्या में कॉपियां जांचने के लिए शिक्षकों पर निर्भर व्यवस्था में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) की भूमिका बढ़ाने की तैयारी है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल पर 12 और 13 सितंबर को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में होने वाले एआई मंथन-2.0 में इस बदलाव की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
मंथन में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह और एमएमएमयूटी की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा समेत दोनों विश्वविद्यालयों के करीब 20 शिक्षक और अधिकारी हिस्सा लेंगे। मंथन में हस्तलिखित उत्तरपुस्तिकाओं की एआई आधारित जांच, विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों का सत्यापन और विश्वविद्यालयी प्रक्रियाओं को स्वचालित करने वाले समाधानों पर मंथन होगा।
एआई मंथन-2.0 के प्रोटोटाइप टू प्रैक्टिस : एआई प्रोडक्ट्स फॉर यूनिवर्सिटी ट्रांसफॉर्मेशन सत्र में एआई आधारित उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन किया जाएगा। फोकस इस बात पर रहेगा कि विकसित तकनीक को विश्वविद्यालयों की वास्तविक व्यवस्था में कैसे लागू किया जा सकता है। जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और जिम्मेदार एवं नैतिक एआई भी चर्चा के प्रमुख विषय होंगे।
दोनों विश्वविद्यालयों में प्रवेश, परीक्षा, परिणाम और छात्र अभिलेखों से जुड़ी प्रक्रियाएं लगातार डिजिटल हो रही हैं। मंथन में सामने आने वाले एआई समाधानों से इन व्यवस्थाओं को और स्वचालित करने की राह खुल सकती है। खासतौर पर उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में समय कम करने और विद्यार्थियों के प्रदर्शन का आंकड़ा आधारित विश्लेषण करने में एआई उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, हस्तलिखित उत्तर को सही ढंग से पढ़ने, उत्तर के संदर्भ और मौलिकता को समझने तथा गलत मूल्यांकन की स्थिति में जवाबदेही तय करने जैसी चुनौतियां भी रहेंगी।
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एआई मंथन 2.0 क्या है? एमएमएमयूटी की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने बताया कि एआई मंथन 2.0 सीएसजेएमयू, कानपुर में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाला राष्ट्रीय एआई नवाचार सम्मेलन है। इसका आयोजन उत्तर प्रदेश के जनभवन और सीएसजेएमयू की ओर से किया जा रहा है। इसमें विश्वविद्यालयों के शिक्षक-शोधकर्ता, आईआईटी के विशेषज्ञ, तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप, विद्यार्थी और शासन के अधिकारी एक मंच पर आएंगे। मुख्य चर्चा जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और जिम्मेदार व नैतिक एआई पर होगी।