उत्तर प्रदेश सरकार ने बांधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। पूरे प्रदेश में बांध बचाव कार्य तेजी से हो रहे हैं। सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी मुहैया करायी जा रही है। अभियंता अगर इस कार्य में लापरवाही बरतते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये बातें सोमवार को नरवाजोत बांध और एपी बांध का निरीक्षण करने आए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहीं। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ और बांध बचाव के लिए सतर्क है और इसके लिए आवश्यक धन भी विभागों को पहले ही आवंटित किया जा चुका है।
इससे पहले कृषि मंत्री और भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रेमचंद्र मिश्र के बांध पर पहुंचकर सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर आलोक कुमार जैन, अधीक्षण अभियंता केके राय, अधिशासी अभियंता भरत राम, एसडीओ एसके प्रियदर्शी व आमोद कुमार सिंह से बांध बचाव के लिए हुए और हो रहे कार्यों की जानकारी ली।
मंत्री ने अभियंताओं के अलावा स्थानीय पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ नरवाजोत-पिपराघाट बांध पर गण्डक नदी के कटान और पिपराघाट में 8.43 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन परियोजना के कार्यो का निरीक्षण किया। इसके बाद नोनियापट्टी से अहिरौलीदान के बीच किमी लगभग एक अरब की लागत से चल रहे कार्यों को भी देखा।
इस दौरान कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रमेशचंद्र उर्फ ओसियर सिंह, किसान मोर्चा के जिलामंत्री जेके सिंह, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री मारकंडेय शाही, एसडीएम तमकुहीराज एआर फारुखी, सीओ फूलचंद कन्नौजिया, एसओ उमेश कुमार, नायब तहसीलदार विकास कुमार सिंह, जेई श्रीराम यादव, चंद्रप्रकाश, संजय मौर्य, सुनील यादव, रमेशधर दुबे, राजेश सिंह, राकेश कुमार, नवीन शुक्ल सहित ग्राम प्रधान विद्यासागर सिंह, ध्रुव निषाद, राजेश सिंह, रविन्द्र गुप्ता, संजय राय, हीरालाल यादव, संजय सिंह, पप्पू सिंह, सरल शर्मा, पुजारी सिंह, दूधनाथ शर्मा, हेमंत सिंह, अजय गुप्ता, प्रभु प्रजापति, मैनेजर सिंह, वशिष्ठ सिंह, अरविंद पटेल, मिथिलेश गोड़, श्रीकांत सिंह, दिनेश गोड़, सुजीत यादव आदि मौजूद रहे।