संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। टैंकर चालकों की हड़ताल से बुधवार रात तक डीजल-पेट्रोल को लेकर मारामारी मची रही। देर रात हड़ताल समाप्त होने के बाद डिपो से टैंकर तेल लेकर पंपों पर पहुंचने लगे। रात में ही करीब आधा दर्जन पंपों पर तेल पहुंचा दिया गया। बृहस्पतिवार की दोपहर तक तेल पहुंचने के बाद शहर के सभी पंप से आपूर्ति शुरू होने पर स्थिति सामान्य हो गई। वहीं रसोई गैस सिलिंडर की दिक्कत बनी रही। प्लांट में बैकलॉग पूरा करने के लिए दो शिफ्ट में सिलिंडरों की रिफिलिंग का काम शुरू कर दिया गया है।
टैंकर चालकों की हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर गाड़ी में तेल भरवाने वालों की भीड़ लग गई थी। शहर के कई पंप शाम होते-होते बंद कर दिए गए। देर शाम तक पुलिस की मौजूदगी में डीजल-पेट्रोल का वितरण पंपों से करवाया गया। हालांकि रात नौ बजते-बजते शहर के अधिकतर पेट्रोल पंप बंद हो गए। सतर्क हुए जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बैतालपुर डिपो से पुलिस की मौजूदगी में टैंकरों में तेल भरवाने के बाद उसे पंप तक पहुंचाया गया।
जिला आपूर्ति विभाग का दावा है कि रात में ही शहर के आधा दर्जन पेट्रोल पंप पर टैंकर से तेल पहुंचा दिए गए थे। हड़ताल समाप्त होने के बाद भाेर में ही पंप पर तेल लेकर टैंकर पहुंच गए। हालांकि सुबह 10 बजे तक पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने वालों की भीड़ रही लेकिन दोपहर तक सभी पेट्रोल पंप के चालू होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
बैकलॉग से निपटने के लिए दो शिफ्ट हो रही सिलिंडरों की रिफिलिंग
जिले में रसोई गैस सिलिंडर के करीब सात लाख उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन करीब 25 हजार रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की जाती है। रविवार को अवकाश का दिन होने के चलते प्लांट में रिफिलिंग का काम नहीं हो पाया। सोमवार और मंगलवार को हड़ताल के चलते प्लांट बंद रहा। ऐसे में तीन दिन में बैकलॉग बढ़कर 75 हजार से अधिक पहुंच गया। बुधवार सुबह नौ बजे प्लांट खुला तो रिफिलिंग का काम शुरू हुआ। बृहस्पतिवार शाम से गैस एजेंसियों पर सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू हुई। रसोई गैस सिलिंडर को लेकर स्थिति जिले में खराब न हो इसे देखते हुए प्लांट में दो शिफ्ट में रिफिलिंग का काम कराया जा रहा है। आमतौर पर सुबह नौ से शाम छह बजे तक ही प्लांट चलता है। जबकि बुधवार को शाम छह बजे के बाद भी गीडा और बैतालपुर स्थित प्लांट को चलाया जा रहा है।