गोरखपुर। महाराजगंज जिले में पकड़े गए नशीली दवा रैकेट के तार अब पूर्वी यूपी की चर्चित थोक दवा मंडी भालोटिया से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। उनके बयान और मोबाइल लोकेशन भी भालोटिया मंडी तक पहुंच की पुष्टि कर रहे हैं, हालांकि अब तक ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लग सके हैं।
दरअसल, महाराजगंज में कार्रवाई के दौरान करीब 5700 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए थे। इस मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों ने बताया कि भालोटिया मार्केट स्थित एक दुकान के दो कर्मचारियों ने उन्हें यह खेप उपलब्ध कराई थी। आरोपियों के बयान के आधार पर शुक्रवार को पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने मंडी की एक थोक दुकान पर छापा मारा। जांच के दौरान संबंधित बैच नंबर के इंजेक्शन दुकान में नहीं मिले और न ही उसकी खरीद-बिक्री से जुड़े कोई रिकॉर्ड उपलब्ध हुए। ठोस साक्ष्य न मिलने से जांच टीम को झटका जरूर लगा लेकिन जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है।
सहायक आयुक्त औषधि संदीप गुप्ता ने बताया कि जांच जारी है और महाराजगंज से मिली कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।