मुंबई पुलिस ने अभिनेता सलमान खान की हत्या की साजिश रच रहे चार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुशीनगर के धनंजय समेत चार आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया। एक माह पहले भी सलमान के घर फायरिंग मामले में असलहा तस्करी में चिलुआताल के मनीष कुमार यादव को एसटीएफ हरियाणा ने गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया था कि मनीष बिश्नोई गैंग को 50 पिस्टल बेचा था। सूत्रों की मानें तो इस बार कुशीनगर के धनंजय को एके 47 लाने की जिम्मेदारी मिली थी। फिलहाल अभी इसकी जांच की जा रही है।
अभी तक बिश्नोई गैंग के कई मामलों में यह बात सामने आई है कि उन्हें असलहा पूर्वांचल के युवा तस्करी कर पहुंचा रहे हैं। कई घटनाओं में पकड़े गए तस्कर इसका उदाहरण भी हैं। पिछले साल सिंघड़िया में रहने वाले शशांक पांडेय ने गोरखपुर और आस-पास के कई जिले के युवाओं को बिश्नोई गैंग में जोड़ा है।
शशांक के बारे में जानकारी करने कई बार बाहर की पुलिस आ चुकी है। मनीष ने पकड़े जाने के बाद बताया था कि वह 50 पिस्टल बिश्नोई गैंग को बेच चुका है। वह मूंगेर इंदौर से अवैध तमंचा खरीदता है। मनीष ने बताया कि वह 25 से 30 हजार में पिस्टल खरीदकर लाता है।
उसे 75 से एक लाख रुपये तक में बेचता है। सलमान के मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के सामने 14 अप्रैल की सुबह 5 बजे फायरिंग की गई थी। इसमें इस्तेमाल की गई पिस्टल मनीष द्वारा ही बेची गई थी।
धनंजय पर नहीं दर्ज है कोई केस
कुशीनगर पकड़ी गोसावी थाना तुरपट्टी निवासी धनंजय पर इसके गृह जनपद के थानों में कोई केस नहीं दर्ज हैं। इसको लेकर सभी थानों के रिकॉर्ड धनंजय के पकड़े जाने पर खंगाले गए। गांव में पता चला कि काफी समय से वह वहां नहीं आया है। सभी लोग यही जानते हैं कि वह बाहर कमाने गया है।
ऐसे युवाओं पर नहीं होता पुलिस को शक
बिश्नोई गैंग से पूर्वांचल से जुड़े अधिकतर युवाओं पर किसी भी मामले में केस नहीं दर्ज हैं। इसलिए बड़ी आसानी से यह असलहे की तस्करी करते हैं, किसी को इनपर शक भी नहीं होता है। धनंजय के पकड़े जाने के बाद गोरखपुर मंडल की पुलिस और एसटीएफ भी असलहा तस्करों पर नकेल कसने की तैयारी में है। धनंजय, मनीश और शशांक के संपर्क को भी पुलिस खंगाल रही है।