फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी में अधिवक्ता का कत्ल: बेलघाट रोड पर मुड़ते ही पीछे लग गए थे अपहरणकर्ता, बहन-बहनोई के विवाद में की हत्या

Sun, 26 Jan 2025 02:27 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती

सार

बस्ती में बहन-बहनोई के पारिवारिक विवाद में 45 वर्षीय अधिवक्ता की सरेराह अपहरण करके हत्या कर दी गई। दिन में हर्रैया थाने के समाधान दिवस के दौरान विवाद हुआ था। रात करीब साढ़े आठ बजे उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार में स्थित हसन पेट्रोल पंप के पास मिला।
विज्ञापन
basti murder - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बस्ती के कप्तानगंज में अधिवक्ता हत्याकांड में भले ही कहानी खुल गई हो। मगर, इसमें गहरी साजिश होने की बात सामने आ रही है। जिस तरह से पीछा कर उनका अपहरण किया गया, उससे स्पष्ट है कि किसी करीबी की सटीक मुखबिरी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस हर पहलुओं पर छानबीन कर रही है।
विज्ञापन


अधिवक्ता चंद्रशेखर के साथ गए गांव के बजरंगी यादव के मुताबिक, महराजगंज से बेलघाट मार्ग पर घर जाने के लिए मुड़ते ही ऐसा लगा कि कुछ गड़बड़ है। वहीं से बदमाशों ने बाइक के पीछे गाड़ी को लगा दिया। शाम करीब 7:30 बजे नरायनपुर तिवारी गांव के पास बाइक को ओवरटेक कर गाड़ी से तीन लोग नीचे उतरे। 

चंद्रशेखर को मारपीट कर गाड़ी में बैठा लिया। बचाने के लिए वह गुहार करता रहा। मगर, रात होने की वजह से कोई सहयोग करने नहीं आया। बजरंगी यादव ने वारदात की सूचना पुलिस व परिजनों और गांव के लोगों को दी। 
विज्ञापन


कप्तानगंज क्षेत्र के बैदोलिया अजायब गांव निवासी अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव की बहन सोनमती की शादी 20 साल पहले हर्रैया क्षेत्र के खम्हरिया गंगाराम गांव निवासी रंजीत यादव के साथ हुई है। आरोप है कि ससुरालियों के प्रताड़ित करने के बाद पति-पत्नी से अनबन हो गई। 

दोनों पक्षों में काफी दिनों से विवाद चल रहा था। भाई होने के कारण बहन की तरफ से वह लगातार पैरवी कर रहे थे। चंद्रशेखर ने सुलह की पहल भी की। मगर, बात नहीं बन पाई। परिजनों के मुताबिक शनिवार को थाना समाधान दिवस में दोनों पक्ष का मामला पेश हुआ था।

 

थाने में भी विवाद हुआ था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार के लोगों का आरोप है कि चंद्रशेखर यादव के बहनोई सहित अन्य लोगों ने थाने में विवाद होने के बाद ही योजना बना ली थी। सूत्रों के मुताबिक सटीक मुखबिर के चलते चंद्रशेखर के हर लोकेशन का वे पल-पल खबर ले रहे थे।

 

परिवार रो-रोकर बेहाल
चंद्रशेखर यादव की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। चंद्रशेखर के बड़े भाई दया शंकर मुंबई में है। सबसे छोटे भाई महेंद्र प्रताप यादव, पिता, पत्नी उमा यादव,दो बेटियां और एक बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।

बहन-बहनोई के विवाद में अपहरण कर अधिवक्ता की हत्या
बस्ती में बहन-बहनोई के पारिवारिक विवाद में 45 वर्षीय अधिवक्ता की सरेराह अपहरण करके हत्या कर दी गई। दिन में हर्रैया थाने के समाधान दिवस के दौरान विवाद हुआ था। रात करीब साढ़े आठ बजे उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार में स्थित हसन पेट्रोल पंप के समीप पाया गया। जिला अस्पताल ले जाने पर चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया गया। 
 

वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक की पत्नी उमा यादव धरने पर बैठ गईं। इस बीच पुलिस ने बताया कि उमा की तहरीर पर हर्रैया थाने में तीन नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मुख्य आरोपी रंजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

बहन सोनमती का पति रंजीत से था विवाद
बैदोलिया अजायब गांव के चंद्रशेखर यादव पुत्र कृष्ण चन्द्र यादव बस्ती कचहरी में वकालत करते थे। उनकी बहन की शादी हर्रैया थाने के खम्हरिया गंगाराम में हुई थी। बहन सोनमती का उसके पति रंजीत से विवाद था। कई बार चन्द्रशेखर यादव ने मुकदमे में सुलह की पहल की लेकिन बात नहीं बन पाई। परिजनों के मुताबिक शनिवार को थाना समाधान दिवस में दोनों पक्ष का मामला पेश हुआ था।

शनिवार को शाम को गांव के एक युवक के साथ महराजगंज बाजार आए थे। देर शाम करीब साढ़े सात बजे बाइक से घर जाते समय हरैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के प्लांट के निकट एक स्कार्पियो ने बाइक ओवरटेक करके रोक लिया और चंद्रशेखर को बाइक से खींचकर कार में बैठाकर महराजगंज की ओर चले गए। घटना से हतप्रभ गांव के युवक ने पुलिस और परिवार के लोगों को फोन करके जानकारी दी। इस बीच अपहर्ता उन्हें लेकर गनेशपुर पहुंच गए।

बीच में उनके साथ क्या हुआ यह किसी को नहीं मालूम मगर उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार में स्थित हसन पेट्रोल पंप के समीप पाया गया। जेब में मिले आधार कार्ड से पहचान होने के बाद लोगों ने परिवार के लोगों को सूचना दी। उधर, पुलिस जिस जगह से अपहरण हुआ वहां पहुंचकर पूछताछ करने में जुटी रही। लोगों का कहना है कि अगर तुरंत पीछा करने का प्रयास किया गया होता तो अधिवक्ता की जान बच गई होती। एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि अभी परिवार की तरफ से तहरीर नहीं दी गई है। पूछताछ में मिली जानकारी के हिसाब से जो नाम सामने आए हैं,उनकी तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

अधिवक्ता के बहन और उसके पति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। शनिवार को भी कुछ विवाद हुआ था। बहनोई,उसके बड़े भाई व कुछ अन्य का नाम सामने आया है। आरोपियों की तलाश में पांच टीमें लगा दी गई हैं। -अभिनंदन, एसपी, बस्ती
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें