मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) से बीटेक करने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब विद्यार्थियों को अलग से प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई मेन) की रैंक और नंबर के आधार पर ही बीटेक फर्स्ट ईयर की सीटें भरी जाएंगी। इसकी सहमति नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से मिल गई है। एजेंसी की वरिष्ठ निदेशक डॉ. साधना पराशर ने जानकारी साझा की है। यह व्यवस्था आगामी शैक्षिक सत्र से लागू होगी।
एनटीए ने एमएमएमयूटी को प्रवेश परीक्षा की सूची में शामिल कर लिया है। इसकी सूचना भी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी गई है। अब इंजीनियरिंग कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रवेश परीक्षा एनटीए ही कराती है। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने जैसे ही कार्यभार संभाला था, वैसे ही जेईई मेन से सीट भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब सारी औपचारिकता पूरी कर ली गई है।
कुलपति का कहना है कि एमएमएमयूटी की शैक्षिक व शोध की गुणवत्ता सराहनीय है। स्थानीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा से राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय पहचान को झटका लगता है। अब दाखिले की होड़ बचेगी। पूर्वांचल के साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों के विद्यार्थी दाखिला लेंगे। प्रवेश परीक्षा फॉर्म भरने का खर्च भी बचेगा। अब एक ही प्रवेश परीक्षा का आवेदन फॉर्म भरना होगा। एक बार ही परीक्षा देनी पड़ेेगी। इससे विद्यार्थियों की भागदौड़ भी कम होगी।