गोरखपुर। बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिरे गोला तहसील के बड़हलगंज ब्लॉक के ज्ञानकोल गांव सोमवार को प्रशासनिक अमला अपर जिलाधिकारी वित्त- राजस्व जय प्रकाश के नेतृत्व में नाव से पहुंचा। उनके साथ एसडीएम गोला, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के साथ अन्य कर्मचारी थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं जानी तथा उन्हें भरोसा दिया कि उन लोगों को हर तरह से मदद की जाएगी।
रविवार को सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित गांवों का हाल जानने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी की टीम पानी से चारों तरफ से घिरे ज्ञानकोल गांव नाव से पहुंची। ग्रामीणों से परिचित होने के बाद वहां की समस्याओं को जाना। ग्रामीणों ने बताया कि एक साल के अंदर 12 से अधिक लोगों के आवास नदी की धारा में विलीन हो गए। पुरुष सड़क पर एक स्कूल में रह रहे हैं, लेकिन बहु-बेटियों को यहां नहीं ला सकते हैं। इसके साथ ही तमाम तरह की समस्याएं बताईं। सोमवार को अमर उजाला के अंक में खबर प्रकाशित हुई तो एडीएम एफआर के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ज्ञानकोल गांव पहुंचीं।
एडीएम एफआर को ज्ञानकोल गांव के लोगों ने बताया कि उन लोगों को तहसील प्रशासन जिस बरडिहा गांव में जमीन देने की बात कह रहा है वहां जमीन लो लैंड है। वहां भी नदी का पानी आता है और वहां भी कटान हो रही है। जीउत, बादामी देवी, रामअशीष, जयप्रकाश, कमलेश समेत अन्य लोगों ने कहा कि यदि सरकार उन लोगों को वास्तव में बसाना चाह रही है तो उन्हें रामजानकी मार्ग के पास कहीं भी आगे पीछे बसा दिया जाए। इससे उन लोगों को बाढ़ से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
अपर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि उनकी बातों पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा। कोशिश होगी उन लोगों की मांगे पूरी हो जाएं। एडीएम ने कहा कि यदि उन लोगों को कोई दिक्कत हो तो इसकी सूचना एसडीएम व तहसीलदार को तुरंत दें। उन लोगों की हर समस्या का समाधान होगा। ग्रामीणों ने बताया कि सप्ताह में एक दिन डेरवां सरकारी हॉस्पिटल की टीम आती है और दवा देती है। एडीएम एफआर के साथ एसडीएम मनीष कुमार, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य, नायब तहसीलदार जयप्रकाश आदि मौजूद रहे।