देवरिया बाईपास के पास वाहन चालकों से पूछताछ करती पुलिस।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले को फिर से ग्रीन जोन में लाने के लिए जिला प्रशासन रेड जोन जैसी सख्ती करेगा। कोरोना का पहला केस सामने आने के बाद से ही सख्ती शुरू भी हो गई थी, लेकिन अब दूसरा केस मिलने के बाद इसे और बढ़ाया जाएगा।
इसके तहत संतकबीरनगर, बस्ती समेत अन्य रेड जोन एरिया के लिए अब पास नहीं जारी किया जाएगा। इन जगहों के लिए पास के लिए आवेदन करने वाले बहुत से लोग जहां कलेक्ट्रेट से लौटाए जा रहे हैं, वहीं ऑनलाइन आवेदन भी निरस्त कर दिए जा रहे हैं। सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी होने पर ही इन स्थानों के लिए पास जारी होगा, उसके लिए भी डीएम की अनुमति जरूरी होगी।
मंगलवार तक तो एंबुलेंस की जांच सिर्फ बॉर्डर पर हो रही थी, लेकिन बुधवार से शहर समेत जिले के सभी स्थानों पर जांच शुरू कर दी गई। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि किसी भी दशा में जिले की सीमा के भीतर किसी को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
सिर्फ वहीं एंबुलेंस आ सकेंगे, जिन्हें सीएमओ अनुमति देंगे। वह भी सीधे नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र जाएंगे फिर मरीज के घर। उन्होंने बताया कि रेड जोन के क्षेत्रों में पास नहीं जारी किया जाएगा। किसी को बहुत इमरजेंसी है या गोरखपुर से किसी अन्य शहर के अस्पताल के लिए रेफर किया गया है, तो उसपर विचार किया जाएगा।
डीएम ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के गांव हाटा बुजुर्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया है। लोगों को घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध है। प्रशासन जरूरी सेवाओं की सप्लाई खुद करा रहा है।