भगवान विष्णु। (प्रतिकात्मक तस्वीर)
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चार महीनों के लिए लगने वाले चातुर्मास की शुरुआत बुधवार से हो रही है। भगवान श्रीहरि विष्णु 147 दिनों तक योगनिद्रा में रहेंगे, जिससे कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकेंगे।
चातुर्मास एक जुलाई देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होकर 25 नवंबर देवोत्थान एकादशी तक रहेगा। इसी दौरान 18 सितंबर से 16 अक्तूबर तक अधिकमास लगेगा।
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हर वर्ष 24 एकादशी होती हैं। अधिकमास या मलमास पड़ने से एकादशी की संख्या 26 होती है। देवशयनी एकादशी को पद्मनाभा भी कहते हैं।
मान्यता है कि इस एकादशी से भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं। चार माह बाद तुला राशि में सूर्य के आने पर देवता उन्हें उठाते हैं। उस दिन को देवोत्थानी एकादशी कहा जाता है। यह काल ही चातुर्मास कहलाता है।