एडीजी असीम अरुण ने गोरखपुर के डायल 112 के कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण।
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यूपी-112 के एडीजी असीम अरुण ने गोरखपुर के डायल 112 के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई झूठी सूचना देकर बार-बार परेशान कर रहा है या पुलिसकर्मियों के साथ फोन पर अभद्र व्यवहार कर रहा है तो उसके खिलाफ केस दर्ज करें।
उन्होंने कहा कि यूपी-112 सेवा एक आपातकालीन सेवा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पीड़ितों तथा शिकायतकर्ताओं का सहयोग करना है। यूपी-112 पर अनावश्यक कॉल करने तथा झूठी सूचनाएं देने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए ही इस पर रोक लगाई जा सकती है।
एडीजी ने जिले में संचालित पीआरवी यूपी-32 डीजी-0318, यूपी-32 डीजी-0333, यूपी-32 डीजी-3891, यूपी-32 डीजी-3885, तथा महिला पीआरवी यूपी-32 डीजी-0312 का भी निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। एडीजी ने समीक्षा के दौरान सवेरा अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों का अधिक से अधिक पंजीकरण कर उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए भी कहा। निरीक्षण से पहले पुलिसकर्मियों ने उन्हें सलामी दी। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी सोनम कुमार, 112 गोरखपुर के नोडल अधिकारी व एसपी क्राइम अशोक कुमार वर्मा, सीओ कैंपिययरगंज राहुल भाटी, प्रभारी निरीक्षक-112 वीरसेन सिंह आदि मौजूद रहे।
पीआरवी जवानों को दिया जाए प्रशिक्षण
एडीजी ने पीआरवी वाहनों की ड्यूटी, पेट्रोल चार्ट और पीआरवी कर्मियों का अवकाश ऑनलाइन किए जाने के संबंध में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपी-112 में नियुक्त कर्मियों का शिफ्टवार रिफ्रेशर प्रशिक्षण कराया जाए। उन्हें पुलिस के विभिन्न कार्यों के बारे में प्रशिक्षित किया जाए। एडीजी ने कहा कि पीआरवी वाहनों के जो उपकरण खराब हो गए हैं उन्हें जल्द ही ठीक कराएं तथा पेट्रोल चार्ट के मुताबिक ही गश्त करें। नेटवर्क संबंधित समस्याओं को ठीक कराने के लिए भी उन्होंने निरीक्षक यूपी-112 को निर्देशित किया।
सराहनीय कार्य पर इन्हें दिया गया प्रशस्ति पत्र
एडीजी ने यूपी-112,गोरखपुर में पीआरवी में नियुक्त सिपाही दिलीप कुमार, उपेंद्र सिंह, राजकुमार, दिग्विजय नाथ यादव एवं महिला आरक्षी गुड़िया यादव, महिला आरक्षी चंद्रकला कन्नौजिया तथा होमगार्ड अनिल सिंह व सुदर्शन को उनके सराहनीय कार्य के लिए प्रोत्साहित किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया गया।