शासन के निर्देश पर पुलिस अब करेगी सख्ती
शहर के बड़े पान हाउस पर धड़ल्ले से बिक रहा था ई-सिगरेट
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अब ई-सिगरेट बेचने और इसे ऑनलाइन मंगाने पर रोक लगा दी गई है। इसके इस्तेमाल से हृदय रोग, सांस रोग और कैंसर जैसी बीमारी होने की आशंका है। इसे लेकर प्रमुख सचिव का एक पत्र पुलिस ऑफिस आया है, जिसमें कहा गया कि ई-सिगरेट भारत में प्रतिबंधित कर दी गई है। सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी इसकी ब्रिकी की जानकारी हो तो सख्त कार्रवाई करें। वहीं, कूरियर एजेंसियों को भी पत्र लिखकर इसकी बुकिंग और डिलिवरी न करने को कहा जा रहा है।
गोलघर, बेतियाहाता, कोतवाली, शाहपुर और मोहद्दीपुर समेत कई इलाके की पान की बड़ी दुकानों पर धड़ल्ले से ई-सिगरेट बेची जा रही है। ई-सिगरेट में ई-पेन, ई-पाइप, ई-हुक्का और ई-सिगार 100 से लगायत 10 हजार रुपये तक में बिक रहा था। शहर के किशोरों और युवाओं में इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। प्रतिबंधित होने के बाद भी ई-सिगरेट बेची जा रही थी। इसकी शिकायत मिलने पर राज्य सरकार की तरफ से सभी जिलों के लिए पत्र जारी किया गया है। पुलिस अब ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटेगी।
क्या है ई-सिगरेट
ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाली डिवाइस है। यह पेन या लाइटर के आकार का होता है, जिसका इस्तेमाल एक तरह के धूम्रपान के लिए किया जाता है, जिसे वेपिंग कहते हैं। वे एक वाष्प पैदा करते हैं जिसे फेफड़ों में गहराई तक खींचा जाता है, जो तंबाकू सिगरेट पीने जैसा एहसास देता है। पारंपरिक सिगरेट की तरह ज्यादातर ई-सिगरेट में निकोटीन होता है। ब्रांड के हिसाब से इसकी मात्रा अलग-अलग होती है। इनमें स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थ व अन्य कई रसायन भी हो सकते हैं।
ई-सिगरेट की ऑनलाइन डिलीवरी और दुकानों पर बिक्री रोकने के लिए थानों की पुलिस को निर्देशित कर दिया गया है। ई-सिगरेट प्रतिबंधित होने के बाद भी बेचते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी