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Gorakhpur News: शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स का शीशा टूटने के मामले में गार्ड पर कार्रवाई, पुराने बिलों ने बढ़ाई चिंता

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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स के नए कार्यकारी निदेशक के पदभार ग्रहण के बाद पुराने बिलों व फाइलों का निस्तारण रोक दिया गया है। इसके चलते कई कर्मचारियों की सांसें अटक गईं हैं। नए निदेशक ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरी परिस्थितियां और पुराने मामलों को समझने के बाद ही वह किसी फाइल पर हस्ताक्षर करेंगे। निदेशक के कार्यभार ग्रहण के बाद अचानक शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स का शीशा तोड़कर वहां से सामान निकालने के प्रकरण की भी जांच शुरू हो गई है। इस मामले में एक सुरक्षा गार्ड को भी हटा दिया गया है।
पुराने निदेशक के पद से हटाए जाने के साथ ही नए कार्यकारी निदेशक को तत्काल कार्यभार ग्रहण का निर्देश दिया गया था। कार्यकारी निदेशक बने डॉ. जीके पाॅल ने बुधवार की दोपहर बाद पहुंचकर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया था। इसके चलते पुराने बिल व अन्य फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए थे। नए निदेशक के आने के बाद पूरा मामला जहां का तहां ठप हो गया। इसी बीच अचानक एम्स परिसर स्थित शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स का शीशा तोड़कर उसमें रखे सामान गायब कर दिए गए।
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बताया गया कि अराजक तत्वों ने शीशा तोड़ दिया, जबकि इसकी कोई वजह सामने नहीं आई। वहां ड्यूटी पर रहे गार्ड का कहना था कि वह कुछ देर के लिए हटा और उतनी ही देर में शीशा तोड़कर सामान गायब कर दिया गया। पूरा प्रकरण नए कार्यकारी निदेशक के पास जाने के बाद बृहस्पतिवार की देर शाम इस मामले में कार्रवाई की गई।
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प्रेसिडेंट और कार्यकारी निदेशक के बीच होगी ऑनलाइन बैठक
नए कार्यकारी निदेशक ने संकेत दिए हैं कि एम्स में दो दिन में उन्होंने जो देखा व समझा है, उनकी जानकारी समेत विभिन्न प्रकरणों पर वह एम्स के प्रेसिडेंट पूर्व आईएएस अफसर देशदीपक वर्मा से ऑनलाइन मीटिंग करेंगे। दोनों वरिष्ठ अफसर एम्स गोरखपुर को क्रियाशील बनाने और नए-नए विभाग खोलने, ब्लड बैंक को यथाशीघ्र चालू कराने आदि मुद्दों पर चर्चा के अलावा पूर्व कार्यकारी निदेशक के प्रकरण पर भी बात कर सकते हैं। हालांकि अभी इस पर किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पॉल का कहना है कि यहां सिस्टम में कुछ गड़बड़ है, जिसे ठीक करना जरूरी है। इसके लिए जो भी संभव उपाय है, वह किए जाएंगे। अभी हम सारी व्यवस्था को समझ रहे हैं।

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