व्यापारी आशीष जायसवाल की खजनी कस्बे में हार्डवेयर की दुकान है। उनकी दुकान से मऊ के मयंक मिश्रा ने उधारी पर एक महीने पहले सामान लिया था। आरोप है कि 11 जुलाई को रुपये वापस मांगने पर मयंक ने अपने साथियों के साथ उन्हें दौड़ा लिया। आशीष जान बचाने पड़ोसी के घर की छत पर गए थे। इसी दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए थे।
गोरखपुर के खजनी में व्यापारी आशीष जायसवाल की हाईटेंशन तार की चपेट में आकर झुलसने के मामले में व्यापारियों ने उग्र प्रदर्शन किया। थाने के सामने एक घंटे तक जाम लगने से पुलिस दबाव में आ गई। इसके बाद आरोपी मयंक मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।
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जानकारी के मुताबिक, व्यापारी आशीष जायसवाल की खजनी कस्बे में हार्डवेयर की दुकान है। उनकी दुकान से मऊ के मयंक मिश्रा ने उधारी पर एक महीने पहले सामान लिया था। आरोप है कि 11 जुलाई को रुपये वापस मांगने पर मयंक ने अपने साथियों के साथ उन्हें दौड़ा लिया।
आशीष जान बचाने पड़ोसी के घर की छत पर गए थे। इसी दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए थे। उधर, घरवालों का आरोप है कि मयंक ने उन्हें छत से धक्का दे दिया था, जिससे वह हाईटेंशन तार की करंट की चपेट में आकर झुलस गए। लखनऊ में उनका उपचार चल रहा है।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार की सुबह 10:30 बजे कई व्यापारी, आशीष की पत्नी और बच्चों के साथ सड़क पर आ गए। इसके पहले व्यापारी नेता विमलेश तिवारी उर्फ रामेश्वर तिवारी, प्रधान रुद्र प्रताप सिंह, अर्जुन जायसवाल, रामवृक्ष वर्मा, दीनानाथ मोदनवाल, अनिल वर्मा आदि ने पूरे कस्बे में घूमकर सभी व्यापारियों को धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए एकजुट किया। व्यापार मंडल और खजनी विकास मंच के बुलाने पर व्यापारियों की भीड़ बढ़ती गई, जिसे देखकर हरकत में आए प्रशासन ने लोगों को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाते हुए धरना-प्रदर्शन खत्म करने की अपील की।
लेकिन व्यापारियों और परिजनों ने पुलिस व जांच अधिकारी पर आरोपी से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित करने और किसी अन्य से जांच कराकर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। बाद में समझा बुझाकर मामले को शांत कराया गया।
धरना-प्रदर्शन में पीड़ित युवक के परिजनों के साथ राजेंद्र सेठ, गौरीशंकर वर्मा, रामजी वर्मा, शेषमणि पांडेय, दुर्गेश जायसवाल, राजेश जायसवाल, संतोष कसौधन, टुन्नू विश्वकर्मा, केशव सेठ, शेषमणि पांडेय, राम अशीष बेलदार आदि शामिल रहे।