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UP: पंचर बनाने वाले के नाम पर 100 करोड़ का कारोबार, नाम से कंपनी रजिस्टर्ड- अब 28 करोड़ GST का नोटिस

Mon, 22 Jun 2026 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

पीड़ित का दावा है कि उसे इस कंपनी और उसके किसी भी कारोबार की कोई जानकारी नहीं थी। मामला तब उजागर हुआ जब फरवरी 2026 में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग की जांच में इस कंपनी के नाम पर करीब 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर का रिकॉर्ड सामने आया। साथ ही लगभग 28 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया भी पाया गया।
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जीएसटी टैक्स नोटिस( सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पंचर दुकानदार के नाम पर कथित रूप से फर्जी कंपनी बनाकर करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाने का आरोप लगा है। पीड़ित राज प्रजापति की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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पीड़ित का कहना है कि वर्ष 2024 में बहन की शादी के लिए आर्थिक जरूरत होने पर वह गांव के ही एक व्यक्ति के संपर्क में आए थे। उसने उन्हें 30 हजार रुपये का लोन दिलाने का भरोसा देकर आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित कई दस्तावेज ले लिए।

आरोप है कि इसी दौरान उनसे कुछ कागजात पर हस्ताक्षर और वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। बाद में इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर ‘मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक कंपनी रजिस्टर करा दी गई और बैंक खाता खोलकर उसका संचालन शुरू कर दिया गया।

पीड़ित का दावा है कि उसे इस कंपनी और उसके किसी भी कारोबार की कोई जानकारी नहीं थी। मामला तब उजागर हुआ जब फरवरी 2026 में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग की जांच में इस कंपनी के नाम पर करीब 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर का रिकॉर्ड सामने आया।
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साथ ही लगभग 28 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया भी पाया गया। इसके बाद विभागीय टीम मार्च 2026 में रामपुर बुजुर्ग स्थित राज प्रजापति की पंचर की दुकान पर पहुंची, जहां वास्तविक स्थिति देखकर अधिकारियों को संदेह हुआ।

पूछताछ में पीड़ित ने पूरी जानकारी दी, जिसके बाद 27 मई को वाराणसी सीजीएसटी कार्यालय से समन जारी कर उसे तलब किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में दो लोगों की भूमिका है। सीओ कैंट आभा सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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