गोरखपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की हाल ही में भुवनेश्वर में संपन्न तीन दिवसीय बैठक में शिक्षा, महिला सुरक्षा, शहरी माओवाद और वैश्विक परिदृश्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चार प्रस्ताव पारित किए गए। मंगलवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एबीवीपी गोरक्ष प्रांत के प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता ने बैठक के प्रमुख निर्णयों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बैठक में शैक्षिक सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने, शहरी माओवाद की चुनौती से निपटने, महिलाओं के शोषण और मतांतरण पर रोक लगाने और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में राष्ट्रीय सजगता बनाए रखने पर जोर दिया गया। देशभर से 400 से अधिक कार्यकर्ताओं ने बैठक में भाग लिया। अभाविप ने नीट-यूजी, सीयूईटी और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आई विसंगतियों पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग की। साथ ही त्रि-भाषा नीति के पूर्ण क्रियान्वयन और भारतीय भाषाओं में परीक्षाएं अनिवार्य किए जाने का समर्थन किया। प्रांत मंत्री ने बताया कि संगठन वर्षभर ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, वंदे मातरम् के 150 वर्ष, राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा के 60 वर्ष और संत रविदास के 650वें प्राकट्योत्सव सहित विभिन्न विषयों पर देशव्यापी अभियान चलाएगा। पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संपदा द्विवेदी, प्रांत मीडिया संयोजक शिवम पांडेय और महानगर मंत्री अभिषेक मौर्य भी मौजूद रहे।