अन्य खामियां मिलने पर पांच और दुकानों का भी लाइसेंस निलंबित किया गया
गोरखपुर। शहर के इंदिरानगर में दवा की एक थोक दुकान से गर्भपात किट (एमटीपी) बिना रिकाॅर्ड के ही बेचा जा रहा था। जांच में इसकी पुष्टि होने पर औषधि प्रशासन ने दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इसी दुकान में संचालित फुटकर दवा की दुकान का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। एम्स के पास संचालित एक दुकान का लाइसेंस गलत दवा देने के आरोप में निलंबित किया गया है। इसके अलावा तीन अन्य दुकानों का भी लाइसेंस अग्रिम आदेश तक निलंबित किया गया है।
औषधि प्रशासन विभाग को सूचना मिली थी कि श्रीराम मेडिकल स्टोर इंदिरानगर में एमटीपी किट बिना किसी लिखा-पढ़ी के ही बेची जाती है। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने पहुंचकर दुकान की जांच की तो पता चला कि इस दुकानदार ने थोक व फुटकर दोनों का लाइसेंस ले रखा है। दुकान में बड़ी मात्रा में गर्भपात वाले किट मिले, जिनकी खरीद-बिक्री का कोई रिकाॅर्ड उपलब्ध नहीं था।
जांच में मनमानी की पुष्टि के बाद थोक विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया, जबकि फुटकर विक्रेता का लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। गीतांजलि मेडिकल स्टोर गीता वाटिका रोड शाहपुर की दुकान में भी जांच के दौरान गर्भपात किट एमटीपी पाया गया। दुकान के स्टॉक रजिस्टर में इसकी खरीद-बिक्री का जिक्र नहीं था। इसका लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।
इसके अलावा एम्स के पास संचालित शान्वी मेडिकल स्टोर से एक ग्राहक को गलत दवा बेची गई थी। ग्राहक ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो ड्रग विभाग ने इसकी जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिलने पर इस शान्वी मेडिकल स्टोर का लाइसेंस अग्रिम आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
इसी प्रकार सौम्या मेडिकल स्टोर मिलन चौक शिवपुर की जांच में जो खामियां मिली थीं, उसका संचालक ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके चलते उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। ओम मेडिकल स्टोर बरसैनी कैंपियरगंज का लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।
झोलाछाप की जांच का मिला था निर्देश
ड्रग इंस्पेक्टर राहुल कुमार ने बताया कि पिछले दिनों जिला प्रशासन और सीएमओ को यह शिकायत मिली थी कि शहर में कई दवा विक्रेता झोलाछाप की तरह इलाज भी करते हैं। इस पर सहायक आयुक्त औषधि पूरनचंद के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर ने इन दुकानों की जांच की थी। ड्रग इंस्पेक्टर ने जांच रिपोर्ट सहायक आयुक्त को भेजी थी, जिस पर एक दुकान का लाइसेंस निरस्त व अन्य का निलंबित किया गया।