रहमत नगर खूनी पर से अंजुमन हैदरी हल्लौर द्वारा निकाला गया मातमी जुलूस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांचवीं मुर्हरम की रात खूनीपुर से हल्लौर एसोसिएशन के बैनर तले पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस से पहले आयोजित मजलिस में मौलाना सैय्यद आसिफ रजा रिजवी ने कहा कि कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत इंसानियत, सब्र और जुल्म के खिलाफ संघर्ष का संदेश देती है। सत्य व न्याय की राह पर चलने वालों की जीत निश्चित होती है।
मजलिस के बाद या हुसैन की सदाओं के बीच जंजीरी मातमी जुलूस खूनीपुर चौराहे से अंजुमन इस्लामिया, नखास चौक और रेती चौक होते हुए गीताप्रेस रोड स्थित इमामबाड़ा अशरफुन निशा खानम पहुंचा। रास्ते भर अकीदतमंदों ने नौहा और मर्सिया पढ़कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
अंजुमन इस्लामिया में नफीस सैय्यद हल्लौरी ने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी इंसानियत को राह दिखाती है। जुलूस के समापन पर एसोसिएशन अध्यक्ष इंजी. कैसर रिजवी ने पुलिस, प्रशासन और नागरिकों का आभार जताया। इस दौरान आरिफ रिजवी, जव्वाद रिजवी और अरमान हैदर आदि मौजूद रहे।