जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। पीपीगंज क्षेत्र के मुंशी प्रेमचंद नगर निवासी शैलेश कुमार यादव (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शैलेश की पत्नी सीमा देवी की तहरीर पर पीपीगंज पुलिस ने वार्ड नंबर 14 ज्ञानचक्षु नगर निवासी अखिलेश, कमलेश और वार्ड नंबर 13 श्यामनगर निवासी रीमा देवी के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बुधवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार शैलेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई है।
शैलेश की पत्नी सीमा देवी के अनुसार, बीते दो मार्च को दोपहर करीब 2 बजे अखिलेश और कमलेश उसके पति शैलेश को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। दोनों उसे पीपीगंज स्थित सैनिक मोबाइल शॉप पर ले गए, जहां रीमा देवी पहले से मौजूद थीं। वहां मोबाइल से वीडियो हटाने के लिए तीनों आरोपियों और शैलेश के बीच विवाद हो गया।
सीमा का आरोप है कि विवाद के बाद तीनों आरोपियों ने शैलेश को जबरन बाइक पर बैठाया और टोल प्लाजा जंगल कौड़िया से आगे वाटर पार्क की तरफ ले गए। वहां पहुंचकर आरोपियों ने शैलेश की जमकर पिटाई की। इसी दौरान रीमा ने उसे जान से मारने की बात कही। इसके बाद शैलेश मौके से भागने लगे।
बताया जा रहा है कि शैलेश जब गायघाट स्थित रोहिणी नदी के पास पहुंचे तो आरोपियों ने उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। आरोप है कि तीनों ने मारपीट करने के बाद उन्हें नदी में डुबोकर हत्या कर दी। घटना के कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने भी आरोपियों को नदी में धकेलते हुए देखने की बात कही है। थाना प्रभारी अरुण सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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वीडियो के लिए चल रहा था विवाद
सूत्रों के अनुसार, मृतक शैलेश के मोबाइल में आरोपी महिला से जुड़ा कोई वीडियो था। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला उस वीडियो को डिलीट कराना चाहती थी और इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन भी इसी के लिए कहासुनी हुई थी। बताया जाता है कि विवाद के दौरान शैलेश मोबाइल लेकर भागने लगा, जिसके बाद आरोपी उनके पीछे दौड़ पड़े। इसी दौरान रोहिणी नदी के पास घटना को अंजाम दिया गया। बाद में एनडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर नदी से शव बरामद किया। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया
शैलेश के नदी में डूबने की सूचना मिलने पर पीपीगंज पुलिस ने स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की मदद से सर्च अभियान चलाया। लगभग 24 घंटे बाद बुधवार को नदी से शव बरामद किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब शव मिला तो शैलेश के हाथ में मोबाइल फोन था। आमतौर पर डूबने की स्थिति में मोबाइल हाथ से छूट जाता है, लेकिन 24 घंटे बाद भी मोबाइल हाथ में होना कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।