नौ नवंबर की दोपहर पत्नी के साथ अस्पताल में भर्ती अपनी बहन को देखने गए थे। इस दौरान बेटी घर पर अकेली थी। इसी बीच आलोक पढ़ाने आया। छात्रा के मुताबिक, उसने पूछा कि घर पर कोई नहीं है। जब छात्रा ने बताया कि माता-पिता अस्पताल गए हैं तो वह पढ़ाई छोड़कर मजाक करने लगा। कुछ देर बाद वह छात्रा के साथ छेड़खानी करने लगा।
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में गुरु-शिष्य संबंध को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। घर में दो साल से ट्यूशन पढ़ाने आ रहे टीचर ने 15 वर्षीय छात्रा के साथ छेड़खानी की। छात्रा ने शोर मचाया तो आरोपी भाग गया।
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छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़खानी, धमकी देने के साथ पॉस्को एक्ट की धारा में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मामला सोमवार का है। छात्रा के पिता ने बताया कि वह इलेक्ट्रीशियन हैं और पत्नी गृहिणी हैं। बेटी इंग्लिश मीडियम स्कूल में नौवीं की छात्रा है। दो साल पहले उन्होंने पड़ोसी के कहने पर ठूठीबारी, महराजगंज निवासी आलोक यादव को ट्यूशन पढ़ाने के लिए रखा। वह रामगढ़ताल क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है और घरों में जाकर ट्यूशन पढ़ाता है।
उन्होंने बताया कि नौ नवंबर की दोपहर वह पत्नी के साथ अस्पताल में भर्ती अपनी बहन को देखने गए थे। इस दौरान बेटी घर पर अकेली थी। इसी बीच आलोक पढ़ाने आया। छात्रा के मुताबिक, उसने पूछा कि घर पर कोई नहीं है। जब छात्रा ने बताया कि माता-पिता अस्पताल गए हैं तो वह पढ़ाई छोड़कर मजाक करने लगा। कुछ देर बाद वह छात्रा के साथ छेड़खानी करने लगा।
विरोध करने पर आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। छात्रा ने किसी तरह खुद को छुड़ाया और शोर मचाया तो आरोपी भाग निकला। घर पहुंचने पर छात्रा ने आपबीती बताई।
आरोपी आलोक यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार किया और बार-बार माफी मांगते हुए कहा कि गलती हो गई, घरवालों को मत बताइए। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। छात्रा का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है: योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
ऐसी घटनाएं चिंतनीय, चुप्पी तोड़े समाज
ऐसे मामले चिंतनीय हैं। इस तरह के मामलों में समाज को सबसे पहले चुप्पी तोड़नी होगी। शिक्षक और छात्र के बीच का रिश्ता विश्वास पर टिका होता है। जब यह रिश्ता टूटता है तो बच्चियों में न केवल भय, बल्कि शिक्षा प्रणाली के प्रति अविश्वास भी बढ़ता है। हर अभिभावक को अपने बच्चों से संवाद बनाए रखना चाहिए। स्कूलों में भी सेफ स्पेस पर चर्चा जरूरी है: डॉ. मनीष पांडेय (समाजशास्त्र विभाग, डीडीयू विश्वविद्यालय)
किशोरों पर गहरा प्रभाव, काउंसिलिंग जरूरी
छेड़छाड़ या यौन उत्पीड़न झेलने वाले किशोरों में गहरा मानसिक प्रभाव पड़ता है। उनमें अपराधबोध, डर और आत्मग्लानि की भावना विकसित होती है। ऐसे मामलों में बच्ची को तुरंत परामर्श (काउंसिलिंग) देना जरूरी है ताकि वह खुद को दोषी न माने। परिवार और शिक्षकों को भी संवेदनशीलता के साथ समर्थन देना चाहिए: डाॅ. आकृति पांडेय, मनोवैज्ञानिक
गुरु-शिष्य के रिश्ते पहले भी हो चुके हैं कलंकित
30 अगस्त 2025 : कोतवाली थाना क्षेत्र में ट्यूशन टीचर ने नाबालिग छात्रा को डरा-धमका कर घर में रखे 12 लाख रुपये कीमत के जेवर उड़ा दिए थे। इसके बाद उसपर गोल्ड लोन ले लिया था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भिजवा दिया था।
21 सितंबर 2021 : शाहपुर इलाके में छात्रा को ट्यूशन पढ़ाने वाला ही उससे छेड़खानी करता था। जानकारी के बाद परिजनों ने ट्यूशन बंद करा दिया। इसके बाद आरोपी घरवालों को काॅल कर जान से मारने और छात्रा का अपहरण करने की धमकी देता था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर उसे जेल भिजवा दिया।
3 सितंबर 2019 : बेलघाट क्षेत्र स्थित निजी स्कूल के एक शिक्षक पर कक्षा 12 की छात्रा ने कई बार छेड़खानी व अश्लील इशारे करने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद प्रबंधक की ओर से कार्रवाई न करने पर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया था।